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बड़कागांव में पुलिस की बड़ी कामयाबी: हाईवा आगजनी कांड का 24 घंटे में खुलासा, हथियारों के साथ 4 शातिर दबोचे गए

Published: Apr 24, 2026  •  Updated: Apr 24, 2026
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एसआईटी की बड़ी सफलता, दीपक कुमार सिंह की अगुवाई में अपराधियों की गिरफ्तारी, बड़ी वारदात टली

हजारीबाग। जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में हाईवा वाहन आगजनी की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में कुख्यात राहुल दुबे गैंग से जुड़े चार सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस सफलता ने न सिर्फ इलाके में फैली दहशत को खत्म किया, बल्कि एक संभावित बड़ी आपराधिक साजिश को भी समय रहते नाकाम कर दिया।

घटना 22 अप्रैल की है, जब बानादाग रेलवे साइडिंग से एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र में कोयला ढुलाई कर रहे हाईवा वाहन को 13 माइल पुल के समीप अपराधियों ने रोक लिया और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया था। मौके से एक हस्तलिखित पर्चा बरामद हुआ, जिसमें “Rahul Dube Gang” का नाम दर्ज था, जिससे घटना के पीछे संगठित गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि हुई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के आधार पर तेजी से कार्रवाई शुरू की।

यहीं से सामने आई थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह की असाधारण भूमिका।

बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने अपनी सूझबूझ, सक्रियता और मजबूत नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए पूरे ऑपरेशन को दिशा दी। उन्होंने टीम के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा, सूचना तंत्र को सक्रिय किया और रणनीतिक तरीके से छापेमारी की योजना तैयार करवाई। उनकी त्वरित पहल और सटीक निर्णयों के कारण ही पुलिस को इतनी बड़ी सफलता महज 24 घंटे में मिल सकी।

23 अप्रैल को चंदौल गांव स्थित हथिया पत्थर जंगल में चलाए गए सघन छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों को घेराबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मो. एजाज (21), मो. अफताब (22), मो. सलामत अंसारी (24) और तुषार सिन्हा (22) के रूप में हुई है, जो सभी पुंदौल गांव के निवासी हैं।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 7.65 एमएम के दो देशी पिस्टल, एक 9 एमएम पिस्टल, 11 जिंदा गोलियां, 9 हस्तलिखित पर्चे और 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे राहुल दुबे गैंग के लिए काम करते हैं और गिरोह के निर्देश पर ही हाईवा वाहन में आग लगाकर क्षेत्र में दहशत फैलाने की साजिश को अंजाम दिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी आरोपी पूर्व में भी उरीमारी थाना क्षेत्र में वाहन आगजनी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं और जेल जा चुके हैं। इतना ही नहीं, ये अपराधी कोल माइनिंग क्षेत्र में एक और बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।

थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह की कार्यशैली बनी मिसाल

पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह की कार्यशैली और नेतृत्व की सर्वत्र सराहना हो रही है। उन्होंने न केवल तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की, बल्कि टीम के मनोबल को ऊंचा रखते हुए हर स्तर पर निगरानी बनाए रखी। उनकी पेशेवर दक्षता और अपराध नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया कि सतर्क और समर्पित पुलिस नेतृत्व से बड़े से बड़े अपराध का भी त्वरित खुलासा संभव है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से गहन पूछताछ कर रही है और राहुल दुबे गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी है। इलाके में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आम लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

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