चौपारण (हजारीबाग)। बरही के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने चौपारण प्रखंड के ग्राम बेला, लोहण्डी, मानगढ़ एवं कोयली के किसानों के लिए प्रस्तावित चेकडेम व लिफ्ट एरिगेशन परियोजना के शिलान्यास को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज भले ही वर्तमान विधायक के हाथों हो रहा हो, लेकिन क्षेत्र की जनता को यह जानना चाहिए कि इस योजना की वास्तविक पहल किसने की थी।
श्री अकेला ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के 19/06/2024 को किसानों की सिंचाई समस्या को गंभीरता से उठाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन से क्षेत्र के लोगों के साथ भेंट कर चेकडेम व लिफ्ट एरिगेशन योजना की मांग की थी। इस संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री को सौंपा गया अनुशंसा पत्र तथा मुलाकात के फोटो साक्ष्य आज भी उपलब्ध हैं, जो इस परियोजना की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका को प्रमाणित करते हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि हमें खुशी है कि किसानों के हित में यह योजना धरातल पर उतर रही है। विकास कार्यों का स्वागत होना चाहिए। लेकिन यह भी उतना ही आवश्यक है कि जनता को सच्चाई बताई जाए और जिन लोगों ने इसकी नींव रखी, उनके योगदान को भुलाया न जाए। वर्तमान विधायक को उन योजनाओं का शिलान्यास का अवसर मिल रहा है, जिनकी मांग और संघर्ष की शुरुआत की थी। राजनीति में श्रेय लेना आसान है, लेकिन संघर्ष करना कठिन।
उन्होंने कहा, राजनीति में श्रेय लेना आसान है, लेकिन संघर्ष करना कठिन है। शिलान्यास और फीता काटने के लिए मंच चाहिए, जबकि योजना स्वीकृत कराने के लिए दूरदृष्टि, मेहनत और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। अंत में उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और जानती है कि शिलान्यास की तस्वीर आज की हो सकती है, लेकिन इस परियोजना की कहानी कई वर्ष पुरानी है।
इसे भी पढ़े: देवघर : तेज रफ्तार थार ने एम्स से ड्यूटी कर लौट रहे गार्ड को रौंदा, इलाज के दौरान मौत