हजारीबाग। जिले के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में एक पत्रकार पर हमला कर दिया गया। इस हमले में पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पौता गांव के दंदाहा क्षेत्र में तीन लोगों के शव था। इसी मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी मृतकों के परिजनों से मिलने और घटना की जानकारी लेने अस्पताल पहुंचे थे। मंत्री के दौरे के दौरान मीडिया कर्मी उनसे सवाल-जवाब कर रहे थे। इसी बीच वहां मौजूद लोग मीडिया से उलझ पड़े। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने एक पत्रकार पर हमला कर दिया। हमले में पत्रकार बुरी तरह घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरी घटना मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, लेकिन समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा सका। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब मंत्री की मौजूदगी में ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा। मामले को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
इसे भी पढ़े: गौसम्मान अभियान के तहत चौपारण में पदयात्रा, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

पत्रकार पर हमले का हजारीबाग प्रेस क्लब ने जताया विरोध, दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग
हजारीबाग। हजारीबाग सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने मंगलवार को मीडिया कर्मियों पर हमला को हजारीबाग प्रेस क्लब ने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर हजारीबाग प्रेस क्लब ने कड़ा विरोध जताया है। क्लब के अध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि एक मंत्री के कार्यक्रम में पत्रकारों पर हमला किया जाना शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मंत्री से सवाल पूछने पर उपस्थित पत्रकारों पर गुंडे जान लेवा हमला कर देंगे यह लोकतंत्र को शर्मसार करता है। अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं , जबकि उसी स्थान पर जिले के कई बड़े पुलिस और जिला के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। वहीं क्लब के सचिव दीपक सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित हमला किया गया है। वहां उपस्थित गुंडे सवाल पूछने पर आग बबूला हो गए और पत्रकारों पर ही हमला कर दिया। जिसने दो पत्रकार साथी को चोट भी आए हैं । यह घटना बर्दाश्त के बाहर है, अगर जल्द उन गुंडों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो हमलोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अंजाम देने वालों को प्रशासन चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार करे। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है, इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है।
इसे भी पढ़े: प्रफुल्ल कनकलता सिकदार स्मृति प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मयूख एवं लक्ष्य अव्वल