क्राफ्ट समाचार/राजेश दुबे विष्णुगढ़
विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। ऊर्जा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाने वाला कोनार डैम का आठ मेगावाॅट सोलर प्लांट प्रोजेक्ट इन दिनों सुस्त रफ्तार का शिकार हो गया है। शिलान्यास के पांच महीने भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे परियोजना की समय-सीमा क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।
बता दें कि 23 नवंबर 2025 को डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। उस मौके पर कोलकाता मुख्यालय से क ई वरीय अधिकारी एवं विभिन्न परियोजनाओं के जीएम भी मौजूद थे। कोनार डैम स्थित सब स्टेशन के समीप लगभग 35 एकड़ जमीन पर इस सोलर प्लांट का निर्माण कार्य नोएडा की सिनर्जी कंपनी को सौंपा गया है। हालांकि पांच माह बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर प्रगति बेहद सीमित है। अब तक केवल सोलर पैनल साइट पर गिराए गए हैं और क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई है

चार महीने में पूरा करने का दावा फीका
शिलान्यास के समय कोनार परियोजना प्रधान राणा रंजीत सिंह ने चार महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया था। साथ हीं इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद डैम के जलाशय में 228 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की शुरुआत की भी योजना थी। इस संबंध में डीवीसी मुख्यालय के सोलर इंचार्ज धर्मेन्द्र शर्मा अपनी टीम के साथ स्थल का निरीक्षण और स्टडी भी कर चुके हैं।
ड्राइंग एप्रूवल में देरी बनी वजह
परियोजना में देरी को लेकर कोनार परियोजना प्रधान राणा रंजीत सिंह ने बताया कि संवेदक द्वारा मुख्यालय से ड्राइंग के अनुमोदन में हुई देरी के कारण काम प्रभावित हुआ है। श्री सिंह ने कहा कि डीवीसी स्तर पर कोई विलंब नहीं हुआ है। फिलहाल पाइलिंग का कार्य जारी है और कंपनी के द्वारा पैनल सहित अन्य सामग्रियां मंगाई जा चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि निर्माण कार्य को जल्द हीं गति देकर परियोजना को पूरा किया जाएगा।
कोनार सोलर प्लांट प्रोजेक्ट के क्षेत्र में ऊर्जा विकास की दिशा में एक अहम पहल है, लेकिन कार्य में हो रहे देरी ने इसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार एजेंसियां कब तक अपनी रफ़्तार को बढाकर इस परियोजना को धरातल पर उतार पाती है।
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