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प्यासे गांव, खामोश सिस्टम: विष्णुगढ़ प्रखंड में बंद पड़ी जलमीनारें बनीं ग्रामीणों की बेबसी की तस्वीर

Published: Apr 22, 2026 4:34 PM  •  Updated: Apr 22, 2026 4:34 PM
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क्राफ्ट समाचार/राजेश दुबे विष्णुगढ़

विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे वैसे प्रखंड अंतर्गत गांवों में पानी का संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने बदतर हो चुकें हैं कि जिन जलमीनारों से कभी लोगों की प्यास बुझती थी, आज वही ढांचे खामोश खड़े हैं। बिना पानी, बिना देखभाल और बिना जवाबदेही के। प्रखंड के क ई पंचायतों में बीते करीब एक साल से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। जलमीनारें ठप पड़ी हुई है, चापानल खराब पड़े हुए हैं और जिम्मेदार महकमा अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। न विभाग की सक्रियता दिख रही है, न हीं जनप्रतिनिधियों की पहल और इसका खामियाजा सीधे तौर पर ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। विष्णुगढ़ पंचायत अंतर्गत नावाडीह स्थित शिवनगरी के पास लगा चापानल काफी लंबे समय से खराब पड़ा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूजा अर्चना और मंदिर की साफ-सफाई तक प्रभावित हो रही है।जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। इसी क्षेत्र में चापानल से जुड़े जलमीनार भी महीनों से बंद पड़े हुए हैं। लगभग तीस घरों की आबादी इस जलस्रोत पर निर्भर थी, लेकिन अब वे बूंद बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। वहीं विष्णुगढ़ पुराने पंचायत भवन परिसर में मुखिया मद से लगाया गया जलमीनार पिछले करीब डेढ़ वर्षों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है। इसके मोटर खराब होने के कारण टंकी में पानी चढ़ना बंद हो गया है। इस एक जलमीनार से गांधी स्मारक से लेकर बढ़ ई टोला तक के करीब चालीस से पचास घरों को पानी मिलता था, लेकिन अब वहां के लोग पानी के लिए दूर-दूर तक भटकने को विवश हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस विकराल समस्या को लेकर क ई बार समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, उसके बावजूद विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। सरकार भले हीं “हर घर जल” जैसी योजनाओं की सफलता की कहानी बता रही हो, लेकिन विष्णुगढ़ प्रखंड के गांवों की हकीकत इससे बिल्कुल हीं अलग है जहां आज भी लोग पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब टूटेगी यह खामोशी? कब जागेगा सिस्टम? और कब इन सूखी टंकियों में फिर से पानी की धार बहेगी?

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