सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बच्चों ने बांधा समां, पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर संरक्षण का लिया प्रण
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। प्रखंड अंतर्गत नावाटांड़ के गोबरबसुआ पिंजारिया वन में सोमवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर पर्यावरण वन मेले का आयोजन किया गया। पर्यावरण वन रक्षा समिति, बनासो एवं चानो के तत्वावधान में डीवीसी सीएसआर कोनार डैम के सहयोग से आयोजित मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में करीब 250 से 300 फलदार एवं इमारती पौधों का वितरण किया गया। वहीं पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने और पेड़ों की कटाई नहीं करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यावरण समिति बनासो एवं चानो के कार्यकारी अध्यक्ष सह जिला मंत्री भवन निर्माण सुरेश राम ने की। मुख्य अतिथि डीएमएमटीसी, बनासो के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथि डॉ. बैजनाथ मंडल तथा कोनार सीएसआर प्रभारी सुनील कुमार, सतीश चंद यादव समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजकों की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
वन मेले में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक, भाषण, नृत्य और गीत-संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने पेड़-पौधों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

300 तक पौधों का वितरण
मंजू देवी के हाथों करीब 250 से 300 फलदार एवं इमारती पौधों का वितरण किया गया। ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की गई। आयोजन समिति ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखा जाए।
पर्यावरण मित्र एवं समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश राम ने बताया कि वर्ष 2009 से बनासो एवं चानो पंचायत में लगातार पर्यावरण मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 18वें पर्यावरण मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाने के लिए ग्रामीणों और युवा पीढ़ी की भागीदारी जरूरी है।
पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधा गया। उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने पेड़ों की रक्षा करने, अनावश्यक कटाई से बचाने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। साथ ही ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मिथलेश बर्मन, राजू श्रीवास्तव, राजू महतो, राजू यादव, प्रयाग पासवान, गंगाधर महतो, प्रवेश सिंह, रामचंद्र ठाकुर, लालू किस्कू, चेतलाल टुडू, रवि कुमार रविदास, जमुना करमाली, अनंत लाल महतो, काली चरण महतो, शिवलाल करमाली, चेतन महतो, डेगलाल महतो, फूलचंद मुर्मू, सानू बेसरा, राजेश टुडू, अमरुत किस्कू, सोहन टुडू, जगदीश मुर्मू सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा। महिलाओं में फुलमनी देवी, सोनिया देवी, करमी देवी समेत अन्य ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, ग्रामीण एवं आयोजन समिति से जुड़े लोग उपस्थित थे।

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