झारखंड-बिहार सीमा से सटे पिपरा के घनघोर जंगल में मिला शव, चार थानों की पुलिस ने कई किलोमीटर पैदल चलकर चलाया तलाशी अभियान
तिसरी (गिरिडीह) / मनोज लाल बर्नवाल। रविवार को खाटपोंक जाने के दौरान करणपुरा मोड़ के पास से अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से अगवा किए गए बिहार के लखीसराय निवासी मजदूर मंगेश कुमार का शव पुलिस ने झारखंड-बिहार सीमा से सटे पिपरा के घनघोर जंगल से बरामद किया। मंगेश कुमार एचएन कंस्ट्रक्शन कंपनी में मुंशी के पद पर कार्यरत था। शव बरामद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो छोटे-छोटे बच्चों समेत भाई और अन्य परिजनों को छोड़ गया है।

जानकारी के अनुसार, बीते रविवार को मंगेश कुमार खाटपोंक जाने के लिए निकला था। इसी दौरान करणपुरा मोड़ के समीप अज्ञात लोगों द्वारा उसे अगवा कर लिए जाने की बात सामने आई। काफी देर तक डेरा नहीं पहुंचने पर परिजनों को जानकारी दी गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने तिसरी थाना में आवेदन देकर मंगेश कुमार की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई।
एसडीपीओ के निर्देश पर चार थानों की पुलिस टीम गठित
आवेदन प्राप्त होते ही खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच और लापता मुंशी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। टीम में तिसरी थाना प्रभारी शंभू नन्द ईश्वर, सब इंस्पेक्टर लव कुमार समेत चार थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी शामिल किए गए।
पुलिस टीम ने लगातार छानबीन और संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। इसी क्रम में पिंटू यादव से मिले सुराग के आधार पर पुलिस झारखंड-बिहार सीमा से सटे पिपरा के घनघोर जंगल तक पहुंची।
नदी और दुर्गम रास्ते के बीच कई किलोमीटर पैदल चली पुलिस
जंगल में पहुंचने के बाद पुलिस टीम के सामने शव की तलाश करना बड़ी चुनौती बन गया। बताया गया कि घटनास्थल तक पहुंचने के रास्ते में नदी होने के कारण पुलिस जवानों को करीब तीन से चार किलोमीटर तक पैदल और कई जगह नंगे पैर चलकर जंगल में तलाशी अभियान चलाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को जंगल के अंदर मंगेश कुमार का शव बरामद हुआ।

शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे स्ट्रेचर पर रखा और दुर्गम जंगल के रास्ते से पैदल बाहर लाया। इसके बाद शव को वाहन में लोड कर आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया। घटना के बाद पुलिस मामले की हर बिंदु पर जांच में जुटी है। हालांकि, मंगेश कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसकी हत्या के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
पूर्व विधायक ने परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक राजकुमार यादव मृतक के स्वजनों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने एचएन कंस्ट्रक्शन के मालिक से बातचीत कर मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की बात कही। साथ ही मृतक की पत्नी को परिवार का जीवन-यापन चलाने के लिए हर महीने आर्थिक सहायता/मजदूरी देने की बात भी कही गई।
पूर्व विधायक ने कहा कि जब तक मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक कंस्ट्रक्शन कंपनी को किसी भी सूरत में सड़क निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मंगेश कुमार की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। परिजन इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी और परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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