सिरय पंचायत में जर्जर सड़क को लेकर फूटा आक्रोश, अचलजामु–सिरय–झरीपुल मार्ग निर्माण की मांग, चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद होती है, लेकिन प्रखंड की सिरय पंचायत के ग्रामीण पिछले करीब 20 वर्षों से इसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बार-बार गुहार, आवेदन और आश्वासनों के बावजूद सड़क की तस्वीर नहीं बदलने से अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। पंचायत भवन के समीप आयोजित बैठक में महिला-पुरुषों, युवाओं और समाजसेवियों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे वोट बहिष्कार करेंगे। उनका दोटूक नारा है-“जब तक हमारे क्षेत्र में सड़क नहीं, तब तक किसी नेता को वोट नहीं!”

दो जिलों, दो लोकसभा और दो विधानसभा क्षेत्रों की अहम कड़ी
ग्रामीणों ने अचलजामु लेदी मोड़ से सिरय होते हुए झरीपुल और बगोदर के सिरय मोड़ तक जाने वाली जर्जर सड़क के निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग हजारीबाग और गिरिडीह जिलों के साथ कोडरमा एवं हजारीबाग लोकसभा तथा बगोदर और मांडू विधानसभा क्षेत्रों के कई गांवों और पंचायतों को जोड़ता है। इतनी महत्वपूर्ण संपर्क सड़क की बदहाली के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क की खराब स्थिति का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देता है। बच्चों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में कठिनाई होती है, वहीं मरीजों को अस्पताल ले जाने और लोगों को प्रखंड मुख्यालय तथा बाजार तक पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली ने न केवल आवागमन को मुश्किल बनाया है, बल्कि क्षेत्र के विकास की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।
20 साल से आवेदन, लेकिन नहीं बदली सड़क की सूरत
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे करीब दो दशक से सड़क निर्माण के लिए पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, मुख्यमंत्री तथा वर्तमान सांसद और विधायक सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते आ रहे हैं। कई बार मांग उठाने और आवेदन देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में निराशा के साथ नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में विकास की उम्मीद लेकर वे जनप्रतिनिधियों की ओर देखते हैं, लेकिन सड़क की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है। अब वे सिर्फ आश्वासन सुनने के बजाय सड़क निर्माण का ठोस काम देखना चाहते हैं। इसी नाराजगी के बीच बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि यदि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वोट बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
अब आश्वासन नहीं, सड़क निर्माण चाहिए
ग्रामीणों की मांग है कि अचलजामु लेदी मोड़ से सिरय होते हुए झरीपुल और बगोदर के सिरय मोड़ तक सड़क निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस पहल की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान हो सके। ग्रामीणों ने साफ किया कि सड़क उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ा बुनियादी सवाल है। बैठक में मुख्य रूप से समाजसेवी तालेबर महतो,भेखलाल महतो, जितेन्द्र महतो, बासुदेव महतो, पंकज कुमार महतो, सांसद प्रतिनिधि नागेश्वर महतो, सुरेश शर्मा, मुकेश कुमार महतो, मुखिया प्रतिनिधि तापेश्वर महतो, कलावती देवी, सुकरी देवी, तेजंती देवी, गीता देवी एवं पूर्व उप प्रमुख सुशील कुमार मंडल सहित काफी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।









1 thought on “विष्णुगढ़: 20 साल से सड़क का इंतजार, अब ग्रामीणों की हुंकार, सड़क नहीं तो वोट नहीं”