Home | झारखंड | बिहार | देश-विदेश | खेल | मनोरंजन | क्राइम | शिक्षा | हेल्थ | राजनीति | राशिफल
- ADVERTISEMENT -

विष्णुगढ़: दो जलमीनारें बनीं शोपीस, बूंद-बूंद पानी को तरस रहा सजोट

खरकी पंचायत के सजोट गांव में मंदिर और विद्यालय के पास लगी दोनों जलमीनारें लंबे समय से बंद हैं, जिससे परेशान दिव्यांग ग्रामीण ने बीडीओ से मरम्मत की गुहार लगाई है...
Published: Oct 2, 2026 5:55 PM  •  Updated: Oct 2, 2026 5:55 PM
two-water-towers-become-showpieces-sajot-craves-for-drinking-water-in-vishnugarh
HIGHLIGHTS
- ADVERTISEMENT -

खरकी पंचायत के सुदूरवर्ती गांव में गहराया पेयजल संकट, दोनों पैरों से दिव्यांग किशोरी महतो ने बीडीओ से लगाई गुहार

विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। जिस गांव में लोगों की प्यास बुझाने के लिए दो जलमीनारें स्थापित की गईं, आज वही जलमीनारें ग्रामीणों के लिए महज शोपीस बनकर रह गई हैं। विष्णुगढ़ के खरकी पंचायत के सुदूरवर्ती क्षेत्र सजोट में दोनों जलमीनारें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। पानी की सुविधा ठप होने से ग्रामीणों को दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

two-water-towers-become-showpieces-sajot-craves-for-drinking-water-in-vishnugarh
उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सजोट के सामने

सजोट में एक जलमीनार बजरंगबली मंदिर के सामने और दूसरी विद्यालय के सामने स्थापित है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जलमीनार चालू होने के बाद गांव में पेयजल की समस्या दूर होगी, लेकिन लंबे समय से बंद रहने के कारण यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। पीने के पानी के अलावा खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

दिव्यांग किशोरी की पीड़ा ने खींचा ध्यान

पेयजल संकट के बीच सजोट निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग किशोरी महतो, पिता स्व. निरपत महतो, ने समस्या को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने 30 सितंबर को बीडीओ को आवेदन देकर दोनों बंद जलमीनारों की मरम्मत कराने की गुहार लगाई है।

आवेदन में किशोरी महतो ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा है कि दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण पानी लाने जैसे दैनिक कार्यों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। गांव में जलमीनारें बंद रहने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। उनके परिवार के साथ आसपास के ग्रामीण भी पानी की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं।

जलमीनार चालू हो तो मिले राहत

ग्रामीणों का कहना है कि दोनों जलमीनारों को चालू कर दिया जाए तो सजोट के लोगों को पेयजल संकट से काफी राहत मिल सकती है। ग्रामीणों ने जलमीनारों की खराबी की जांच कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।

किशोरी महतो ने प्रशासन से संबंधित विभाग के अधिकारी अथवा कनीय अभियंता को स्थल पर भेजकर जलमीनारों की स्थिति की जांच कराने और आवश्यक मरम्मत के बाद उन्हें जल्द चालू कराने की मांग की है।

अब ग्रामीणों को प्रशासन की पहल का इंतजार है। वर्षों से बंद पड़ी जलमीनारों से पानी कब तक मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी। ग्रामीणों की उम्मीद है कि प्रशासन समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कदम उठाएगा, ताकि सजोट में बूंद-बूंद पानी के लिए हो रही परेशानी खत्म हो सके।

इसे भी पढ़े: भेलवारा पंचायत से उठी लोकतंत्र बचाओ की हुंकार, कांग्रेस पार्टी ने अधिकारों की लड़ाई तेज करने का लिया निर्णय

- ADVERTISEMENT -

Craft Samachar

भरोसे की खबरें, हर पल आपके साथ: ब्रेकिंग न्यूज और लाइव अपडेट से तुरंत जुड़े रहें। राजनीति, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन समेत हर क्षेत्र की तेज़ और सटीक कवरेज—24×7 आपका विश्वसनीय क्राफ्ट समाचार साथी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

संबंधित खबरें

चौपारण: ज्ञान कुंज इंटरनेशनल स्कूल में श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती

विष्णुगढ़: भेलवारा पंचायत से उठी लोकतंत्र बचाओ की हुंकार, कांग्रेस पार्टी ने अधिकारों की लड़ाई तेज करने का लिया निर्णय

तिसरी: बच्चों की मामूली लड़ाई में चली चाकू, युवक गंभीर, थाना प्रभारी की तत्परता से कुछ घंटे में आरोपी गिरफ्तार

विष्णुगढ़: सातमील चौक पर सड़क जाम, झारखंड आंदोलनकारियों ने बुलंद की हक की आवाज

विष्णुगढ़: सेवा सेतु और सरकार आपके द्वारा अभियान को लेकर भाजपा पश्चिमी मंडल की बैठक आज

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, हटिया से मुंबई और बेंगलुरु की स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी

1 thought on “विष्णुगढ़: दो जलमीनारें बनीं शोपीस, बूंद-बूंद पानी को तरस रहा सजोट”

Leave a Comment