अखाड़ा चौक में सड़क ऊंची होने से ठप हुई जल निकासी, बारिश में तालाब बन जाता है पूरा चौक, शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। विष्णुगढ़ के अखाड़ा चौक में सड़क निर्माण के बाद पैदा हुई जल निकासी की समस्या अब स्थानीय दुकानदारों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। सड़क की ऊंचाई बढ़ने से बारिश का पानी निकलने का रास्ता बाधित हो गया है। स्थिति यह है कि बारिश होते ही अखाड़ा चौक जलजमाव की चपेट में आ जाता है और कई दिनों तक पानी जमा रहने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। समस्या से परेशान दुकानदारों ने आखिरकार सरकारी व्यवस्था का इंतजार छोड़कर खुद पहल की और आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर सड़क के निचले हिस्से में कंक्रीट ढलाई कराई।
निर्माण के समय ही दुकानदारों ने जताई थी आपत्ति
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले अखाड़ा चौक स्थित पीसीसी सड़क पर दोबारा ढलाई का कार्य कराया गया था। निर्माण के दौरान ही दुकानदारों ने सड़क की ऊंचाई बढ़ने और जल निकासी बाधित होने की आशंका जताई थी। उनका कहना है कि संबंधित लोगों को समस्या से अवगत भी कराया गया, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
ढलाई के बाद सड़क का एक हिस्सा आसपास की दुकानों की तुलना में काफी ऊंचा हो गया। इसके कारण करीब तीन दुकानें मुख्य सड़क के स्तर से लगभग एक फीट नीचे रह गईं। वहीं, करीब 100 मीटर तक ढलाई के बाद काम अधूरा छोड़ दिए जाने से जल निकासी की समस्या और गंभीर हो गई।

हल्की बारिश में तालाब बन जाता है अखाड़ा चौक
दुकानदारों का कहना है कि सड़क ऊंची होने के कारण बारिश का पानी स्वाभाविक रूप से निकल नहीं पाता। हल्की बारिश के बाद भी चौक पर पानी जमा हो जाता है। कई बार यह पानी कई दिनों तक जमा रहता है। इससे गंदगी और दुर्गंध की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
जलजमाव का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। दुकानदारों के मुताबिक, पानी जमा रहने के कारण ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ता है। लगातार ऐसी स्थिति रहने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
सांसद, विधायक और अधिकारियों से गुहार, फिर भी नहीं बनी बात
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। दुकानदारों ने सड़क की ऊंचाई, जल निकासी और जलजमाव की समस्या से अवगत कराते हुए स्थायी समाधान की मांग की, लेकिन लंबे समय तक समस्या जस की तस बनी रही।
आखिरकार व्यापारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि समस्या के समाधान के लिए उन्हें खुद आगे आना होगा। दुकानदारों ने आपस में चंदा एकत्र किया और निर्माण सामग्री की व्यवस्था कर सड़क के निचले हिस्से में कंक्रीट ढलाई कराई।
अपनी जेब से सड़क दुरुस्त करने को मजबूर हुए दुकानदार
दुकानदारों का कहना है कि सरकारी राशि से निर्मित सड़क में यदि निर्माण के समय ही तकनीकी पहलुओं और जल निकासी का सही ध्यान रखा गया होता तो उन्हें अपनी जेब से पैसा लगाकर सड़क दुरुस्त कराने की जरूरत नहीं पड़ती। व्यापारियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और कार्य की देखरेख पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में बरती गई कथित लापरवाही का खामियाजा अब दुकानदार भुगत रहे हैं। कारोबार बचाने और जलजमाव से राहत पाने के लिए चंदा जुटाकर सड़क की ढलाई कराना उनकी मजबूरी बन गई।
स्थायी समाधान की मांग
दुकानदारों ने प्रशासन से अखाड़ा चौक की जल निकासी व्यवस्था की जांच कराकर स्थायी समाधान कराने की मांग की है। साथ ही सड़क निर्माण के दौरान हुई तकनीकी खामियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अखाड़ा चौक क्षेत्र का महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र है। यहां लंबे समय तक जलजमाव रहने से दुकानदारों के साथ आम लोगों को भी परेशानी होती है। ऐसे में केवल अस्थायी ढलाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराकर समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि सड़क सुविधा बने, परेशानी का कारण नहीं।
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