कृषक मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक में नई फसलों और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। प्रखंड सभागार में बुधवार को कृषक मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं से जोड़ने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कृषक मित्रों को अपने-अपने क्षेत्र में चौपाल आयोजित कर किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक का संचालन करते हुए प्रखंड तकनीकी प्रबंधक उमेश राणा ने कृषक मित्रों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान क्रेडिट कार्ड, सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर, किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत सोलर पंप सेट सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए कृषक मित्रों को सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। गांवों में कई किसान योजनाओं और अनुदान से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी के अभाव में उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में कृषक मित्र गांव-गांव जाकर किसानों के बीच चौपाल लगाएं और उन्हें योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सुविधाओं तथा मिलने वाले लाभ की जानकारी दें।

संतुलित खाद के उपयोग पर जोर
बैठक में राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत खेतों में संतुलित खाद के उपयोग को लेकर भी किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। प्रबंधक ने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को संतुलित तरीके से खाद एवं कृषि सामग्री का उपयोग करना चाहिए। कृषक मित्र इस संबंध में किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।
नई फसलों की खेती से बढ़ेगी आमदनी
बैठक में पारंपरिक खेती के साथ किसानों को वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें फूलों की खेती, ड्रैगन फ्रूट, लेमनग्रास, बटन मशरूम, अदरक और ओल की खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई। इन फसलों के माध्यम से किसान अपनी कृषि गतिविधियों में विविधता ला सकते हैं।
उमेश राणा ने कहा कि बदलते समय में किसानों को केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने के बजाय नई कृषि तकनीक और विभिन्न प्रकार की फसलों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इससे खेती के नए विकल्प तैयार होंगे और किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
अनुदान वाली योजनाओं का लाभ लेने के लिए करें प्रेरित
प्रबंधक ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके तहत अनुदान पर कृषि सामग्री एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। किसानों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कृषक मित्रों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना होगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचने से प्रखंड में कृषि कार्य को गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के साथ खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और नई फसलों की संभावनाओं को अपनाने के लिए लगातार जागरूक किया जाना चाहिए। इससे प्रखंड में कृषि गतिविधियों का विस्तार होगा और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगे।
उन्होंने कृषि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेती केवल आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार है। कृषि कार्य से किसान शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के साथ मानसिक रूप से भी सकारात्मक बने रहते हैं। इसलिए बेहतर एवं उन्नत खेती को बढ़ावा देना किसान और समाज, दोनों के लिए लाभकारी है।
बैठक में विश्वनाथ महतो, दीपक सोनी, मुकेश सिंह, सुरेश दास, पूनम कुमारी, सरिता देवी, देवंती देवी, धर्मवीर यादव, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो, महावीर कुमार, सोहन हेंब्रम तथा मोहम्मद नासिर समेत कई कृषक मित्र उपस्थित थे।
इसे भी पढ़े: विष्णुगढ़ में मेडिकल कॉलेज और डिग्री कॉलेज की मांग तेज, विधायक निर्मल महतो ने राज्यपाल को सौंपा मांगपत्र








1 thought on “विष्णुगढ़: आधुनिक खेती से बदलेगी किसानों की तकदीर, गांव-गांव पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी”