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चौपारण: भूदान की जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने ग्रामीणों संग किया प्रदर्शन

करमा गांव की तीन एकड़ भूदान भूमि पर कथित कब्जे के आरोप को लेकर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों ने 10 दिनों में सुनवाई नहीं होने पर अनशन की चेतावनी दी...
Published: Sep 16, 2026 12:26 PM  •  Updated: Sep 16, 2026 12:26 PM
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प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का घेराव, 10 दिनों में सुनवाई नहीं होने पर अनशन की चेतावनी

चौपारण (हजारीबाग)। प्रखंड क्षेत्र के करमा गांव में भूदान यज्ञ समिति से मिली तीन एकड़ जमीन पर कथित कब्जे के आरोप और कुबरी गांव के जमीन संबंधी मामले को लेकर मंगलवार को पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय परिसर का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए जमीन मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।

former mla umashankar akela leads protest with villagers over alleged encroachment on bhoodan land4

प्रदर्शन के बाद पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला और ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी संजय यादव को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मामले में सुनवाई नहीं हुई तो प्रखंड-सह-अंचल परिसर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन के साथ अनशन किया जाएगा।

1955 में भूदान यज्ञ समिति से मिली थी तीन एकड़ जमीन

ज्ञापन में करमा गांव निवासी संतोष भुईयां ने बताया कि उनके दादा स्व. काली भुईयां को वर्ष 1955 में भूदान यज्ञ समिति, हजारीबाग की ओर से मौजा करमा, थाना नंबर 51, खाता नंबर 59 और प्लॉट नंबर 12 में तीन एकड़ भूमि दी गई थी।

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आवेदन में जमीन की चौहद्दी उत्तर में बिनोवा जी टांड़, दक्षिण में गन्दौरी भुईयां, पूरब में रास्ता और पश्चिम में जंगल-झाड़ी बताई गई है। संतोष भुईयां के अनुसार उनके दादा उक्त जमीन पर दखलकार थे। बाद में उनके दादा और पिता की मृत्यु हो गई। उस समय संतोष नाबालिग थे और उनकी मां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। बाद में जमीन के कागजात और स्थल की जानकारी लेने पर कथित रूप से जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा होने की बात सामने आई।

सात लोगों पर कब्जे का आरोप

संतोष भुईयां ने आवेदन में राजदेव यादव समेत शिबा यादव, खेलावन यादव, बाजो यादव, शशि यादव, अभिजीत कुमार यादव उर्फ ललू यादव और महेंद्र यादव पर जमीन पर मकान बनाकर कब्जा करने का आरोप लगाया है। जमीन के संबंध में पूछताछ करने पर धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। संतोष ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जमीन को कब्जामुक्त कराने और उन्हें दखल दिलाने की मांग की है।

जमीन वापस करनी होगी : विकास गुप्ता

मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव सह करमा निवासी विकास गुप्ता ने कहा कि यदि संतोष भुईयां की जमीन पर राजदेव यादव का कब्जा है तो जमीन वापस करनी होगी। उन्होंने कहा कि राजदेव यादव की ओर से जमीन को अपने या अपने पिता की जमीन बताए जाने की बात कही जा रही है, जबकि उपलब्ध कागजात के अनुसार जमीन संतोष भुईयां के दादा स्व. काली भुईयां से जुड़ी बताई गई है। विकास गुप्ता ने राजदेव यादव के परिवार द्वारा पूर्व में उक्त जमीन पर कलाली चलाने और शराब बेचने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने जंगल से खैर की लकड़ी चोरी कर उससे कत्था बनाकर बेचने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कागजात दिखाकर उठाया सवाल : रेवाली पासवान

करमा निवासी सह कांग्रेस जिला सचिव रेवाली पासवान ने कहा कि जमीन मामले में प्रशासन को उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों को भी भूदान यज्ञ समिति की ओर से जमीन मिली है और उनकी चौहद्दी में संतोष भुईयां के दादा स्व. काली भुईयां के नाम का उल्लेख है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दस्तावेजों में जमीन का संबंध काली भुईयां से है तो जमीन पर दूसरे पक्ष के दावे की वास्तविकता क्या है, इसे प्रशासनिक जांच के माध्यम से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी के समक्ष उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि गरीब परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है तो प्रशासन को जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने 10 दिनों के भीतर मामले में सुनवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी।

सीओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

अंचलाधिकारी संजय यादव ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन में रामफल सिंह, लव सिंह, दिगंबर भुईयां, मुखिया प्रतिनिधि अभिमन्यु भगत, प्रह्लाद सिंह, टुन्नू वर्णवाल, मनोज सिंह, उमेश सिंह, वसीम खान, डबलू अंसारी, पूर्व मुखिया शौकत खान, विजय गुप्ता, शकील खान समेत सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे।

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Nitish Keshri

नितिश केशरी झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण निवासी हैं। वे पिछले पाँच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मनोरंजन के साथ-साथ राजनीति, समाज, शिक्षा और समसामयिक विषयों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं। उनकी लेखन शैली सटीक जानकारी और सरल भाषा के लिए जानी जाती है।

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