मुख्यालय से पांच किमी दूर कुदरखो, सुविधाओं से अब भी पांच कदम दूर
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। प्रखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर बसा बेड़ा हरियारा पंचायत का कुदरखो आदिवासी टोला विकास की रफ्तार से अब भी दूर है। मुख्यालय से इतनी कम दूरी के बावजूद टोले तक बेहतर सड़क और छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वर्षों से ग्रामीण इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उनकी परेशानी का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

बरसात में और मुश्किल हो जाता है रास्ता
कुदरखो तक सुगम सड़क नहीं होने का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। बरसात के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। कीचड़ और खराब मार्ग के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किसी भी गांव के विकास की पहली जरूरत है। सड़क बनने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि बच्चों के विद्यालय पहुंचने, मरीजों को अस्पताल ले जाने, किसानों को बाजार तक अपनी उपज पहुंचाने और ग्रामीणों के प्रखंड मुख्यालय से संपर्क में भी सुविधा होगी। खराब रास्ते के कारण कई बार जरूरी काम समय पर नहीं हो पाते हैं।
छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी भी दूर
टोले के नौनिहालों के लिए नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छोटे बच्चों को दूर स्थित केंद्र तक ले जाना ग्रामीण परिवारों के लिए आसान नहीं है। इससे बच्चों को मिलने वाले पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और बाल विकास से जुड़ी सुविधाओं का नियमित लाभ लेने में भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने टोले की आबादी और बच्चों की संख्या को देखते हुए कुदरखो में अथवा आसपास उपयुक्त स्थान पर आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि टोले के समीप केंद्र खुलने से बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
मुख्यालय करीब, लेकिन सुविधाएं दूर
कुदरखो की स्थिति इस बात का उदाहरण है कि प्रखंड मुख्यालय से दूरी कम होने के बावजूद छोटे आदिवासी टोले तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचने में अब भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचना जरूरी है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण और आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था के साथ टोले की अन्य मूलभूत जरूरतों का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की है।
अब प्रशासन की पहल का इंतजार
लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहे कुदरखो के ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की पहल पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी टोले का स्थलीय जायजा लेकर सड़क और आंगनबाड़ी की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास की असली तस्वीर तभी सामने आएगी, जब प्रखंड मुख्यालय के आसपास बसे छोटे आदिवासी टोले भी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ेंगे। कुदरखो के लिए सड़क और आंगनबाड़ी केवल सुविधाएं नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य की बुनियाद हैं।
इसे भी पढ़े: चौपारण: भूदान की जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने ग्रामीणों संग किया प्रदर्शन









1 thought on “विष्णुगढ़: सड़क के लिए वर्षों से इंतजार, नौनिहालों को आंगनबाड़ी की दरकार, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में आदिवासी टोले के ग्रामीण परेशान”