Hazaribagh: छात्राओं की शिकायत पर विभाग का एक्शन, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं की हुई जांच

विक्की कुमार धान के ज्ञापन के बाद कल्याण विभाग सक्रिय हुआ और अधिकारियों ने छात्रावास पहुंचकर पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया...

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राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के ज्ञापन पर हरकत में आया कल्याण विभाग, छात्रावास पहुंचकर किया निरीक्षण

Hazaribagh: कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय परिसर स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय संयोजक सह पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव को ज्ञापन सौंपकर छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं नियमित पेयजल की स्थायी व्यवस्था की मांग की। ज्ञापन मिलते ही कल्याण विभाग हरकत में आया और अधिकारियों ने छात्रावास पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया।

ज्ञापन में बताया गया कि छात्रावास में रहने वाली 200 से अधिक आदिवासी छात्राओं को लंबे समय से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार पढ़ाई छोड़कर बाहर से पानी लाना पड़ता है। इससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

चापाकल से लाल पानी निकलने की शिकायत

विक्की कुमार धान ने बताया कि छात्रावास परिसर में लगे चापाकल से कई बार लाल रंग का दूषित पानी निकलने की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो छात्राओं के बीच जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

स्थायी समाधान की मांग

ज्ञापन के माध्यम से छात्रावास की जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच, शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता, आवश्यकता पड़ने पर नए बोरवेल, जलमीनार अथवा पाइपलाइन निर्माण, पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच और समयबद्ध कार्ययोजना के तहत स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।

ज्ञापन मिलते ही छात्रावास पहुंचे अधिकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने ज्ञापन प्राप्त होने के तुरंत बाद आदिवासी बालिका छात्रावास पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और पेयजल, बिजली, बाउंड्री वॉल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या की विस्तृत जांच कर आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

लंबे समय से बनी हुई है समस्या

गौरतलब है कि छात्रावास में पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है। छात्राओं का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान में लगातार हो रही देरी का असर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन की पहल के बाद छात्राओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

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