सिंगराडीह लोहार टोला में अधूरे कूप निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, अधिकारी बोले– जांच के बाद होगी कार्रवाई
तिसरी (गिरिडीह) | मनोज लाल बर्नवाल: तिसरी प्रखंड की गुमगी पंचायत अंतर्गत सिंगराडीह लोहार टोला में मनरेगा के तहत स्वीकृत कूप निर्माण योजना तीन वर्षों से अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना की राशि का भुगतान हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। अब अधूरा पड़ा गहरा गड्ढा ग्रामीणों और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बरसात के मौसम में हादसे की आशंका बढ़ने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

तीन साल पहले खोदा गया गड्ढा, आज तक नहीं बना कूप
ग्रामीणों के अनुसार महादेव लोहार की निजी जमीन पर करीब तीन वर्ष पूर्व मनरेगा योजना के तहत कूप निर्माण के लिए जेसीबी से गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद कुछ दिन काम चला, लेकिन अचानक निर्माण कार्य बंद कर दिया गया। तब से आज तक न तो कुआं पूरा हुआ और न ही सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की घेराबंदी की गई।
रिश्वत मांगने का आरोप, संवेदक पर उठे सवाल
ग्रामीण अनिल विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि संवेदक ने निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर काम अधूरा छोड़ दिया गया। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अधिकारियों के बयानों में दिखा विरोधाभास
तत्कालीन रोजगार सेवक जितेंद्र सिंह ने बताया कि योजना उनके कार्यकाल की है और इसमें कुछ राशि की निकासी हुई थी। उन्होंने निर्माण कार्य रुकने का कारण दो पक्षों के बीच जमीन विवाद बताया। वहीं मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) पंकज कुमार ने कहा कि उन्हें इस योजना की जानकारी नहीं है। दूसरी ओर पंचायत सचिव ने हाल ही में पदस्थापना का हवाला देते हुए मामले से अनभिज्ञता जताई।
योजना बोर्ड हटाने का भी आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर लगा योजना बोर्ड भी हटा दिया गया है, ताकि योजना से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। वर्तमान में स्थल पर केवल कुछ पत्थर डाल दिए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पूरी तरह अधूरा पड़ा है। मौके पर धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सचिन विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, प्रेम विश्वकर्मा समेत कई ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा कूप निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
आजसू नेता ने उठाए भ्रष्टाचार के आरोप
आजसू नेता नारायण यादव ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जानकारी नहीं होने की बात कहना जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
क्या बोले बीडीओ
प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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