लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुई भीषण अग्निकांड की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला भवन में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मृतकों में अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं, जो भवन में संचालित कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे थे।
अग्निकांड की घटना में जान गंवाने वाले 15 के नाम में सागर (27), नीलेश (27), अनामिका (28), संयम (30), अनुक्षा (25), सुमल्या (30), शाहजान (19), सुखमणि (24), आदित्य श्रीवास्तव (23), अब्दुल रहमान (24), अम्मार (22), जैनिल (23), ज्योति (24), भविष्य (19) और सूरज (22) शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब तीन बजे भवन से अचानक धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के कारण भवन के भीतर मौजूद लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगे। कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के लिए 14 दमकल वाहनों के साथ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और विशेष उपकरणों को लगाया गया। घने धुएं के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाई हुई। अग्निशमन कर्मियों को बगल की इमारत की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा ताकि फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, एंबुलेंस और चिकित्सा टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। घायलों का उपचार जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।
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