Hazaribagh: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से पीडब्ल्यूडी चौक स्थित वीर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सिदो-कान्हू के बलिदान और आदिवासी समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। सभी ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता व भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
उपायुक्त हेमंत सती ने अपने संबोधन में कहा कि 30 जून 1855 को सिदो-कान्हू ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हूल विद्रोह का नेतृत्व कर आदिवासी समाज में स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाई थी। यह आंदोलन अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक संघर्ष था, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि हूल विद्रोह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। आज का दिन हमें सामाजिक समरसता, एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। साथ ही सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो जैसे वीर सपूतों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी प्रदान करता है।
हूल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनमानस को देश की आजादी में आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी वीरों का संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
