गिरिडीह मनोज लाल बर्नवाल: जिले के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत तिसरी प्रखंड के पिपरा टांड गांव स्थित लोकल नदी पर लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उच्चस्तरीय आरसीसी पुल पहली ही तेज बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। पुल के एप्रोच रोड का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया, जिससे सड़क पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया है। इससे आवागमन खतरे से भरा हो गया है और कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।

स्थिति और गंभीर इसलिए भी है क्योंकि पुल की सुरक्षा के लिए बनाया जा रहा गार्डवाल भी अधूरा छोड़ दिया गया था। तेज जलप्रवाह का दबाव पड़ते ही गार्डवाल भरभराकर नीचे खेतों में गिर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसकी पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी।
सरकारी बोर्ड के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
पुल स्थल पर लगे सरकारी सूचना बोर्ड के अनुसार खिजूरी-वाया बस्तीकुरहा पथ (CH-9.900 किमी) पर इस पुल का निर्माण माणिक कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. द्वारा कराया गया है। बोर्ड में कार्य पूर्ण होने की तिथि 12 दिसंबर 2024 अंकित है, जबकि पुल पर 13 दिसंबर 2024 से 12 दिसंबर 2029 तक पांच वर्षों की डिफेक्ट लायबिलिटी (गारंटी) अवधि भी दर्ज है। इसके बावजूद गारंटी अवधि के भीतर ही पुल का एप्रोच धंस जाना और गार्डवाल का बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप : अधूरा गार्डवाल छोड़कर भाग गया ठेकेदार
स्थानीय ग्रामीण सुखु एवं देव सहित अन्य लोगों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले गार्डवाल का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया। बारिश के दौरान तेज बहाव में पूरा गार्डवाल खेतों में गिर गया। बाद में जेसीबी लगाकर टूटे मलबे को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद ठेकेदार ने तीन-चार बार केवल मजदूर और मिस्त्री भेजकर खानापूर्ति करने का प्रयास किया, लेकिन मजदूरी भुगतान नहीं होने और पर्याप्त संसाधन नहीं मिलने की बात कहकर वे भी काम अधूरा छोड़कर लौट गए। आज तक विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा।
कट सकता है दर्जनों गांवों का संपर्क
ग्रामीणों ने बताया कि पुल के दोनों ओर सड़क लगातार फट रही है और कटाव बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द स्थायी मरम्मत, मजबूत एप्रोच और नए सिरे से गार्डवाल का निर्माण नहीं कराया गया तो पिपरा टांड सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क टूट सकता है। रात के समय यहां दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी संवेदक पर कार्रवाई करने तथा एप्रोच रोड और गार्डवाल का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
क्या बोले कार्यपालक अभियंता
गिरिडीह के कार्यपालक अभियंता सुबोध कुमार दास ने बताया कि पुल के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने की सूचना उन्हें अन्य माध्यमों से भी मिली है। उन्होंने कहा कि दो दिनों के भीतर विभागीय टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। संवेदक को आवश्यक निर्देश देकर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि आवागमन जल्द सामान्य हो सके।
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