15 सूत्री मांगों पर बनी समाधान की राह, सात मांगों पर स्थानीय कार्रवाई और आठ को मुख्यालय भेजने पर सहमति, 5 अक्टूबर का धरना-प्रदर्शन व अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। पांच अक्टूबर से प्रस्तावित डीवीसी विस्थापितों का धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टल गया है। आंदोलन से ठीक पहले शनिवार को डीवीसी प्रबंधन और विस्थापित समन्वय समिति के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में 15 सूत्री मांगों पर बिंदुवार चर्चा हुई। सात मांगों पर स्थानीय स्तर से कार्रवाई करने तथा आठ मांगों को डीवीसी मुख्यालय भेजकर उच्च स्तर पर निर्णय कराने पर सहमति बनी। इसके बाद विस्थापित समन्वय समिति ने पांच अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।

डीवीसी कोनार परियोजना के सम्मेलन कक्ष में कोनार परियोजना प्रधान राणा रणजीत सिंह के निर्देश पर हुई वार्ता में विस्थापित प्रतिनिधियों ने वर्षों से लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि मांगों के समाधान में लगातार हो रही देरी से विस्थापितों में असंतोष बढ़ रहा है। बैठक में प्रबंधन की ओर से सभी मांगों पर क्रमवार विचार किया गया और उनके समाधान की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सात मांगों पर स्थानीय स्तर से होगी कार्रवाई
वार्ता में सात मांगों को स्थानीय स्तर पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। वहीं आठ मांगों को डीवीसी मुख्यालय भेजकर उच्च स्तर पर निर्णय कराने का फैसला लिया गया। वार्ता में बनी सहमति को लिखित रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओएम) भी तैयार किया गया।
सहमति बनने के बाद विस्थापित समन्वय समिति ने पांच अक्टूबर के धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया। हालांकि समिति ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान की प्रक्रिया और सहमति के क्रियान्वयन पर उसकी नजर बनी रहेगी।
आंदोलन टला, अब अमल की अग्निपरीक्षा
वार्ता के बाद फिलहाल डीवीसी प्रबंधन और विस्थापितों के बीच टकराव की स्थिति टल गई है, लेकिन विस्थापितों की वर्षों पुरानी मांगों का स्थायी समाधान अभी बाकी है। अब निगाहें सात स्थानीय मांगों पर होने वाली कार्रवाई और मुख्यालय भेजी गई आठ मांगों पर आने वाले फैसले पर टिकी हैं। तय सहमति के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई होती है या नहीं, यही इस वार्ता की सफलता की असली कसौटी होगी।
वार्ता में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
विस्थापित समन्वय समिति की ओर से अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल, झारखंड आंदोलनकारी सह विस्थापित महमूद आलम, नवल सिंह, रोहित पटेल, कालेश्वर रविदास, दिलेर आजाद, शिवनाथ, ईश्वर समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
डीवीसी प्रबंधन की ओर से कार्यालय प्रधान विशाल यादव, वरीय प्रबंधक (वि.) अनुतोष अंशुमन, बी. एक्का, प्रबंधक (मानव संसाधन), सीएसआर प्रभारी सुनील कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पांच अक्टूबर का आंदोलन स्थगित होने से तत्काल टकराव की स्थिति जरूर टल गई है, लेकिन विस्थापितों की नजर अब वार्ता में बनी सहमति के धरातल पर उतरने पर है। सात मांगों पर स्थानीय कार्रवाई और आठ मांगों पर मुख्यालय के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वर्षों से लंबित विस्थापितों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कितनी ठोस प्रगति हुई है।
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