रुक-रुककर बारिश से जनजीवन प्रभावित, जलजमाव और कीचड़ ने बढ़ाई परेशानी; बिजली की आंख-मिचौली से लोग हलकान
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने विष्णुगढ़ प्रखंड में जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। बुधवार से लगातार बदले मौसम के मिजाज का असर अब आम लोगों की दिनचर्या से लेकर बाजार की गतिविधियों तक साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण जहां लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं, वहीं बाजार और प्रमुख चौक-चौराहों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल काफी कम हो गई है।
लगातार बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र की कई ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन गई है। पानी और कीचड़ के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। इससे पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कच्ची और जर्जर सड़कों की स्थिति बारिश के बाद और खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़क पर जमा पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
बाजार में कम हुई चहल-पहल
बारिश का असर विष्णुगढ़ के बाजार पर भी साफ नजर आ रहा है। लगातार बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। मुख्य चौक-चौराहों पर भी दिनभर अपेक्षाकृत सन्नाटा नजर आ रहा है। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के कारण लोगों की खरीदारी और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है।

बिजली की आंख-मिचौली से बढ़ी परेशानी
बारिश और जलजमाव के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। क्षेत्र में बिजली के बार-बार आने-जाने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान नियमित बिजली आपूर्ति जरूरी है, लेकिन बिजली की आंख-मिचौली से परेशानी बनी हुई है।
किसानों के चेहरे पर बारिश से खुशी
बारिश से जहां आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। खेतों में नमी बढ़ने और पर्याप्त पानी मिलने से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश को लेकर किसानों के चेहरे पर संतोष दिखाई दे रहा है। किसानों का मानना है कि मौसम अनुकूल रहा तो यह बारिश खेती के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
तीन दिनों से जारी बारिश ने विष्णुगढ़ में सड़क से लेकर बाजार तक जनजीवन को प्रभावित किया है। जलजमाव, कीचड़ और फिसलन से आवागमन मुश्किल हुआ है, जबकि बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दूसरी ओर, खेती-किसानी के लिहाज से बारिश को राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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