Home | झारखंड | बिहार | देश-विदेश | खेल | मनोरंजन | क्राइम | शिक्षा | हेल्थ | राजनीति | राशिफल
- ADVERTISEMENT -

चौपारण की बेटी निशा राणा का राष्ट्रीय स्तर पर डंका: खिलाड़ी से कोच बन रचा इतिहास, नेशनल लेवल पर करा रहीं गतका का मुकाबला

Published: Aug 26, 2026 11:53 PM  •  Updated: Aug 26, 2026 11:53 PM
HIGHLIGHTS
- ADVERTISEMENT -

चौपारण (हजारीबाग)। झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड की एक साधारण सी बेटी ने अपने फौलादी हौसले और कड़ी मेहनत के दम पर पूरे देश में अपनी पहचान बना ली है। कभी खिलाड़ी के रूप में नेशनल मेडल जीतने वाली चौपारण की प्रतिभाशाली बेटी निशा राणा आज खुद झारखंड स्तर की कोच बनकर राष्ट्रीय स्तर पर पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ प्रतियोगिता का सफल संचालन और आयोजन करवा रही हैं।

माता-पिता और परिवार का परिचय

निशा राणा चौपारण के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र राणा उर्फ मिट्ठू राणा और माता का नाम रीना देवी है। निशा की इस कामयाबी की नींव उनके घर से ही पड़ी, जहां संस्कारों और मेहनत को हमेशा प्राथमिकता दी गई।  शुरुआत में निशा को लगता था कि यह खेल उसके और समाज के लिए शायद ठीक नहीं है, लेकिन पिता जितेंद्र राणा ने उनका भरपूर साथ दिया। पिता ने हौसला बढ़ाते हुए कहा- “बेटा तुम मेहनत करो, मैं तुम्हारे साथ हूं। तुम मेरी बेटी ही नहीं, मेरा मजबूत कंधा हो और तुम यह कर सकती हो।” पिता के इसी भरोसे ने निशा को आगे बढ़ने की ताकत दी।

स्कूल के प्रांगण से शुरू हुई खेल की यात्रा

निशा की प्रारंभिक शिक्षा और 10वीं तक की पढ़ाई चौपारण के सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल से पूरी हुई। इसी स्कूल के खेल मैदान में निशा ने पहली बार पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ की छड़ी थामी और खेल की बारीकियों को सीखा। वर्तमान में वह केबीएसएस प्लस टू उच्च विद्यालय, चौपारण में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर खेल का नेतृत्व करना निशा के अनुशासन और लगन का बेहतरीन उदाहरण है।

जिला, राज्य से लेकर नेशनल चैंपियन तक का सफर

निशा ने खेल के मैदान में कदम रखते ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया:

जिला व राज्य स्तर: शुरुआती मुकाबलों से ही उन्होंने अपनी फुर्ती और सटीक तकनीक के दम पर जिला और राजकीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार जीत दर्ज की।

राष्ट्रीय चैंपियन का तमगा: अपनी कड़ी मेहनत के बल पर निशा ने राष्ट्रीय स्तर (नेशनल चैंपियनशिप) के कई मैचों में भाग लिया और कई बार जीतकर पूरे राज्य का मान बढ़ाया।

खिलाड़ी से कोच तक की शानदार छलांग: प्रिंस मिश्रा और एसोसिएशन का साथ

एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में ढेरों पदक जीतने के बाद निशा ने खेल जगत में सबसे शानदार छलांग लगाई। महज 12वीं कक्षा में पढ़ते हुए वह खिलाड़ी की भूमिका से आगे बढ़कर झारखंड स्तर पर कोच बन गईं।

आज निशा राष्ट्रीय स्तर पर गतका मैचों में मुख्य कोच की भूमिका निभाते हुए खेल का सफल आयोजन करवा रही हैं। इस पूरे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को निशा राणा, प्रिंस मिश्रा और झारखंड गतका एसोसिएशन के साथ मिलकर बेहद शानदार तरीके से करवा रही हैं। इतनी कम उम्र में नेशनल प्लेटफॉर्म पर खेल का सफल संचालन करना पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। निशा राणा की इस बड़ी कामयाबी पर उनके परिवार, स्कूल और पूरे चौपारण में खुशी व गर्व का माहौल है।

इसे भी पढ़े: गिरिडीह: गरीबों की थाली में ‘कीड़ों वाली मेहरबानी’! खराब चना दाल बांटने की तैयारी का आरोप, कार्डधारियों में आक्रोश

- ADVERTISEMENT -

Craft Samachar

भरोसे की खबरें, हर पल आपके साथ: ब्रेकिंग न्यूज और लाइव अपडेट से तुरंत जुड़े रहें। राजनीति, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन समेत हर क्षेत्र की तेज़ और सटीक कवरेज—24×7 आपका विश्वसनीय क्राफ्ट समाचार साथी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment