चौपारण (हजारीबाग)। ग्रामीण परिवेश से निकलकर वैश्विक स्तर की कंपनी में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। हजारीबाग जिले का चौपारण प्रखंड के इगुनियां गांव के युवा विवेक चन्द्रवंशी ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर ऐसा ही मुकाम हासिल किया है। उनका चयन दुनिया की प्रतिष्ठित तकनीकी एवं ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन में करीब 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
विवेक की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। गांव के साधारण माहौल में पले-बढ़े विवेक ने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और लगातार आगे बढ़ते रहे।
स्कूल से इंजीनियरिंग तक शानदार रहा सफर
विवेक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हजारीबाग के विवेकानंद विद्यालय से प्राप्त की, जहां उन्होंने दसवीं की परीक्षा उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चौपारण स्थित सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा (रांची) में संगणक विज्ञान अभियांत्रिकी विषय में प्रवेश लिया।
इंजीनियरिंग के दौरान भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा। उन्होंने लगभग 8.2 सीजीपीए हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। तकनीकी विषयों में उनकी गहरी रुचि और मेहनत ने उन्हें अपने साथियों से अलग पहचान दिलाई।
ट्रेनिंग के दौरान ही मिला नियुक्ति का प्रस्ताव
पढ़ाई के दौरान विवेक को हैदराबाद स्थित अमेजन कार्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण अवधि में उनके कार्य, तकनीकी ज्ञान और कार्यशैली से कंपनी के अधिकारी काफी प्रभावित हुए। इसी का परिणाम रहा कि प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही उन्हें स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव दे दिया गया। अब वे जल्द ही बेंगलुरु स्थित अमेजन कार्यालय में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
परिवार ने बताया सफलता का मंत्र
विवेक के पिता आशीष चंद्रवंशी, जो हजारीबाग भवन निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनके पुत्र ने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी। उन्होंने कभी शॉर्टकट पर भरोसा नहीं किया और हर लक्ष्य को मेहनत एवं अनुशासन के बल पर हासिल करने का प्रयास किया। यही निरंतरता आज उनकी सफलता का कारण बनी है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने विवेक
विवेक की इस उपलब्धि पर उनके चाचा एवं समाजसेवी करुणा चंद्रवंशी ने खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए बड़े शहरों या विशेष सुविधाओं की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
वहीं, सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल की प्राचार्या रीना पांडे और विद्यालय प्रबंधन ने भी इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। ग्रामीणों और प्रखंडवासियों ने विवेक को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता से गांव के अन्य युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला मिलेगा।
इगुनियां गांव से निकलकर अमेजन जैसी विश्वस्तरीय कंपनी तक पहुंचने वाले विवेक चंद्रवंशी आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए उम्मीद, संघर्ष और सफलता की नई मिसाल बन गए हैं।
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