गिरिडीह। झारखंड के कई जिलों में इन दिनों भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चाहे पुलिस महकमा हो या फिर प्रशासनिक महकमा…लगभग हर विभाग में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका है। इसी कड़ी में शनिवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड में मनरेगा के जूनियर इंजीनियर अंकुश कुमार को पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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जानकारी के अनुसार, धनवार प्रखंड निवासी महेश कुमार साव ने अपने क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत डोभा निर्माण कराया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जब उन्होंने बकाया भुगतान के लिए आवेदन किया, तो संबंधित जेई अंकुश कुमार द्वारा बिल पास करने और कागजी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत की मांग की जाने लगी। कई बार आग्रह के बावजूद जेई बिना कमीशन के भुगतान करने को तैयार नहीं था।
लगातार हो रही मांग से परेशान होकर महेश कुमार साव ने इसकी शिकायत हजारीबाग स्थित ACB कार्यालय में की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की तैयारी की।
शनिवार को जैसे ही महेश साव ने जेई अंकुश कुमार को पांच हजार रुपये रिश्वत के तौर पर दिए, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी जेई को अपने साथ हजारीबाग ले गई, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किस तरह हावी है, हालांकि एसीबी की सक्रियता से ऐसे मामलों पर अंकुश लगने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
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