राँची: JPSC में नियुक्ति घोटाला मामले में सीआइडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने संज्ञान ले लिया है. पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, श्वेता गुप्ता, सोनू कुमार, अभय कुमार तिवारी सहित 12 आरोपियों के लिए विभागीय अनुमति (सैंक्शन ऑर्डर) मिलने के बाद उन पर मुकदमा चलाया जायेगा. मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी. मामले में सभी आरोपी को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा अदालत में पेश किया.
गौरतलब 21 अक्टूबर को CID ने 97 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया गया था, उनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खिग्यांते, परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, मुख्य सरगना TDPL एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, मो. उस्मान मो. एबाद, हेमंत कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार, हेमंत कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व सुमन सौरभ शामिल हैं. सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद सरकारी कर्मियों के अलावा सभी पर मुकदमा चलेगा. चार्जशीट में सभी आरोपियों के खिलाफ सीआइडी ने लगे आरोपों को विस्तार से बताते हुए दाखिल किया है. सभी आरोपियों के खिलाफ पूछताछ और CID के द्वारा इकट्ठा किये के गये सबूतों को बताया गया है.
किसकी गिरफ्तारी कब हुई
श्वेता कुमारी गुप्ता, मुख्य सरगना TDPL एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, मो. उस्मान मो. एबाद गिरफ्तारी 22 जुलाई को, हेमंत कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार की गिरफ्तारी 24 जुलाई को, सोनू कुमार, अरविंद कुमार की गिरफ्तारी 25 जुलाई, सुमन सौरभ को 30 जुलाई और एल खियांग्त की गिरफ्तारी 10 अगस्त को की गई थी. मामले के सभी आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है. इसमें 10 आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है. प्रारंभिक परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए पांच लाख रुपये और अंतिम चयन के लिए 10 से 25 लाख रुपये तक वसूली करने का भी जिक्र चार्जशीट में किया गया है.





