विष्णुगढ़। लगातार घटती मिट्टी की उर्वरता, बढ़ती कृषि लागत और खेती से जुड़ी चुनौतियों के बीच किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने की पहल की गई है। इसी उद्देश्य से विष्णुगढ़ प्रखंड की गैड़ा पंचायत के बुकना गांव और खरना पंचायत में खेत बचाओ अभियान चलाया गया। जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा, हजारीबाग के निर्देश पर आयोजित इस अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अभियान में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
मिट्टी की जांच से फसल चक्र तक की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान किसानों को मिट्टी के नमूने एकत्र करने, मिट्टी की जांच कराने, आवश्यकतानुसार उपचार करने और उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप खेती करने पर जोर देते हुए बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है।
किसानों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक खेती, फसल चक्र और समेकित कीट प्रबंधन के महत्व से भी अवगत कराया गया। इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसानों को बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण टिकाऊ खेती के महत्वपूर्ण आधार हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक कर ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिससे खेती की लागत नियंत्रित रहे, उत्पादन बेहतर हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि की उर्वरता सुरक्षित रखी जा सके।
कार्यक्रम में वार्ड सदस्य रीता देवी, लालचंद महतो, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभय कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक उमेश कुमार राणा, कृषक मित्र संजय कुमार एवं निर्मल कुमार सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।







