सातमील से चौथा तक सड़क पर बने 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे, जर्जर सड़क के साथ 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाली पर भी उठे सवाल
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। सड़क पर गड्ढे या मौत का जाल! विष्णुगढ़-बगोदर मार्ग पर एनएच-522 की बदहाली अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है। सातमील मोड़ से चौथा तक सड़क पर जगह-जगह बने दो से तीन फीट गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। बुधवार को सातमील के समीप इसी बदहाल सड़क पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे पंजाब नेशनल बैंक के सेल्स मैनेजर अनूप टोप्पो गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर करना पड़ा। घटना ने सड़क की बदहाली के साथ क्षेत्र की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैंक के काम से धनबाद जा रहे थे, रास्ते में हादसा
जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर निवासी 38 वर्षीय अनूप टोप्पो, पिता सीके टोप्पो, पंजाब नेशनल बैंक में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। बुधवार को वह बैंक के काम से बाइक से हजारीबाग से धनबाद जा रहे थे। इसी दौरान सातमील के समीप सड़क पर बने गहरे गड्ढे में उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में उनके माथे पर गंभीर चोट आई, जबकि दाहिने हाथ की कलाई की हड्डी टूट गई।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, ऑटो से अस्पताल पहुंचाया
दुर्घटना के बाद मौके पर राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल बैंक मैनेजर को ऑटो से विष्णुगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉ. जफर हसन समेत चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
सातमील से चौथा तक सफर जोखिम भरा, रात में बढ़ता है खतरा
एनएच-522 पर सातमील मोड़ से चौथा तक सड़क की जर्जर स्थिति लंबे समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ रहा है। दिन में किसी तरह गड्ढों को देखकर बचने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन रात के अंधेरे में इनका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में थोड़ी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर सड़क की मरम्मत के लिए किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों किया जा रहा है? लोगों ने संबंधित विभाग से अविलंब गड्ढों को भरने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

सड़क बदहाल, 108 एंबुलेंस सेवा भी सवालों के घेरे में
क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के बीच 108 एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जरूरत के समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से मरीजों और दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। ऐसे में ग्रामीणों को निजी वाहनों या ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के लिए समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है, लेकिन आपातकालीन सेवा की उपलब्धता में परेशानी स्थिति को और गंभीर बना सकती है।
हादसे के बाद भी नहीं चेता विभाग तो बढ़ सकता है खतरा
एनएच-522 की बदहाली और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की समस्या ने क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सातमील मोड़ से चौथा तक सड़क की तत्काल मरम्मत कराने तथा 108 एंबुलेंस सेवा को नियमित और प्रभावी बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों को समय रहते नहीं भरा गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना है कि संबंधित विभाग लोगों की इस गंभीर समस्या पर कब तक कार्रवाई करता है।
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