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खाकी पर बड़ा दाग: अपहरण-हत्या केस में 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड, आरोपी से सांठगांठ का आरोप

Published: Apr 12, 2026 9:17 PM  •  Updated: Apr 27, 2026 3:46 AM
HIGHLIGHTS
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बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिण्ड्राजोरा थाना क्षेत्र में युवती के अपहरण और हत्या कांड में घोर लापरवाही, केस को कमजोर करने और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप में एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है मामला?

24 जुलाई 2025 को खूँटाडीह निवासी रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री कुमारी पुष्पा महतो के अपहरण की प्राथमिकी पिण्ड्राजोरा थाना में कांड संख्या 147/25 के तहत दर्ज कराई थी। मामले की शुरुआती जांच में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आई।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा

एसआईटी की समीक्षा में सामने आया कि थाना स्तर पर तैनात अधिकारी न केवल निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे, बल्कि जानबूझकर केस को कमजोर कर रहे थे ताकि अभियुक्त को फायदा मिल सके। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने आरोपियों के साथ सांठगांठ की, उनके साथ पार्टी की, पैसों का लेन-देन किया और थाने की गोपनीयता तक भंग कर दी।

24 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में नई एसआईटी गठित की गई। टीम ने महज 24 घंटे में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर मृतका के कंकाल की हड्डियां, कपड़े, बाल, रबर बैंड और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया।

शादी के दबाव में रची साजिश

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका पुष्पा महतो आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी। इससे बचने के लिए दिनेश ने साजिश रची और उसे चास कॉलेज बुलाने के बहाने जंगल ले जाकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में छिपा दिया।

इतिहास की बड़ी कार्रवाई

एसपी के आदेश पर कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं। सभी को ‘सामान्य जीवन यापन भत्ता’ पर भेज दिया गया है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक्शन

परिजनों ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाया। इसके बाद ही यह बड़ी कार्रवाई की गई। हाल ही में शनिवार को मृतका का कंकाल बरामद हुआ था।

यह मामला न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि न्याय में देरी और लापरवाही किस हद तक गंभीर हो सकती है।

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