नियमों की अनदेखी पर मोटर जब्ती, जुर्माना और प्लांट सील करने की चेतावनी
हजारीबाग। शहर में लगातार बढ़ती जल संकट की आशंका और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए हजारीबाग नगर निगम ने जल संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जलापूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी अपार्टमेंट और भवनों में नियमानुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होगी। वहीं, शहर में संचालित सभी आरओ प्लांट संचालकों को सात दिनों के भीतर नगर निगम में निबंधन कराना होगा।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं तो होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी अपार्टमेंट और भवनों की जांच कराई जाए। जिन भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में मोटर जब्त करने का निर्देश भी दिया गया है। नगर निगम का उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर में सुधार लाना है।
जल स्रोतों पर अतिक्रमण की होगी पहचान
बैठक में शहर के जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल की उपलब्धता और जल स्रोतों पर हुए अतिक्रमण की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडेय एवं अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेशलिस्ट अरुण बाउरी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को जल स्रोतों की स्थिति का आकलन कर उनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कदम उठाने को कहा गया।
RO प्लांट संचालकों को सात दिनों का अल्टीमेटम
नगर निगम क्षेत्र में संचालित आरओ प्लांट को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सभी संचालकों को सात दिनों के अंदर नगर निगम में निबंधन कराने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय सीमा में निबंधन नहीं कराने पर जुर्माना वसूलने के साथ संबंधित आरओ प्लांट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
अमृत योजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में अमृत योजना के तहत संचालित हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने योजना के संवेदक मेसर्स एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर को लंबित कार्यों में तेजी लाकर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। योजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को नियमित जलापूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि अब जल संरक्षण और शहरी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भवनों और आरओ प्लांट की जांच तथा नियमों के अनुपालन पर प्रशासन की नजर रहेगी।








