खटपोक के कर्णपुरा-बाघमारी मोड़ के पास रविवार शाम हुई घटना, एसडीपीओ ने पहुंचकर की जांच, चार थाना क्षेत्रों की पुलिस शामिल, वेतन विवाद को भी जांच में रखा गया
तिसरी (गिरिडीह) / मनोज लाल बर्नवाल। तिसरी थाना क्षेत्र के खटपोक पंचायत अंतर्गत कर्णपुरा-बाघमारी मोड़ के पास रविवार शाम करीब पांच बजे सड़क निर्माण कंपनी के मुंशी मंजेश कुमार को दो अज्ञात बाइक सवारों द्वारा कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले जाने का मामला सामने आया है। घटना के करीब 40 घंटे बीत जाने के बाद भी मंजेश का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।

घटना की सूचना मिलते ही खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मंजेश की बरामदगी और घटना की तह तक पहुंचने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ विभिन्न इलाकों में जांच कर रही है।
मंजेश के भाई गौतम कुमार ने तिसरी थाना में आवेदन देकर घटना की जानकारी दी है। आवेदन के अनुसार, मंजेश बिहार के लखीसराय जिले के नंदपुर गांव का रहने वाला है और एचएन कंस्ट्रक्शन कंपनी में मुंशी के पद पर कार्यरत था।
गौतम ने आवेदन में बताया है कि कुछ दिन पहले कंपनी के डेरा के पास वेतन भुगतान को लेकर मंजेश की कंपनी के प्रोपराइटर हरेराम चौधरी और प्रोजेक्ट मैनेजर उपेंद्र चौधरी के साथ कहासुनी हुई थी। भाई का आरोप है कि विवाद के दौरान मंजेश को कथित तौर पर अपहरण कर हत्या करने की धमकी भी दी गई थी। इसी आधार पर गौतम ने मंजेश के लापता होने के पीछे अनहोनी की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

दो कर्मचारी भी थे मौके पर मौजूद
आवेदन के अनुसार, जिस समय बाइक सवार मंजेश को अपने साथ ले गए, उस समय कंपनी के जेसीबी चालक मो. इम्तियाज और ग्रेडर ऑपरेटर शिवकुमार भी मौके पर मौजूद थे। मंजेश तिसरी के सिदो-कान्हो चौक से खटपोक होते हुए लोकायनयनपुर तक बन रही पीडब्ल्यूडी सड़क के निर्माण कार्य की देखरेख कर रहा था।
पूर्व विधायक ने की सुरक्षित बरामदगी की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार से बातचीत कर मंजेश कुमार की जल्द सुरक्षित बरामदगी की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले का शीघ्र खुलासा करते हुए मंजेश को सुरक्षित बरामद किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं हुआ तो माले आंदोलन करने को मजबूर होगी।
तिसरी थाना प्रभारी शंभू नंद ईश्वर ने बताया कि एसडीपीओ के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। टीम में एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रोहित कुमार के साथ तिसरी, गांवा, देवरी और जमुआ थाना की पुलिस शामिल है।
उन्होंने बताया कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वेतन भुगतान को लेकर हुए विवाद को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
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