कृष्णा कुमार कुशवाहा
चौपारण (हजारीबाग) प्रखंड क्षेत्र के रानीक मोड़ स्थित ज्ञान कुंज इंटरनेशनल स्कूल में भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा और रंग-बिरंगे कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष श्री अवधेश कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा सभी शिक्षकों को तिलक लगाकर एवं आरती उतारकर भावपूर्ण स्वागत के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य श्री नन्दकिशोर कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बारी-बारी से सभी शिक्षकों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री नन्दकिशोर कुमार ने कहा कि, “शिक्षक केवल पाठ्य-पुस्तकों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है।” उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के आदर्श जीवन को याद करते हुए कहा कि एक सच्चा शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार, समर्पण और आदर्श आचरण से अनेक जीवनों को प्रकाशित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन और संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं विद्यालय के अध्यक्ष श्री अवधेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में इस प्रकार का आयोजन अत्यंत सराहनीय और भावपूर्ण है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें विभिन्न प्रकार के सुंदर उपहार भेंट किए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भावनाओं और उत्साह से भर उठा। इस अवसर पर शुभम कुमार, अजीत कुमार, अंकित कुमार, सौरभ कुमार, विवेकानन्द कुमार, संगीत कुमार, मेहविश अशरफ, मानसी मोदी, मीणा हेम्ब्रम, रिंकी कुमारी, अंजली कुमारी, लेखपाल आशीष कुमार, एडमिन हेड प्रमोद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि “शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि जीवन बनाते हैं और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।





