बकरी बाजार से रातू रोड तक आकर्षण का केंद्र बनेंगे भव्य पूजा पंडाल, दक्षिण भारत से लेकर राजस्थान तक की स्थापत्य कला का होगा दीदार
रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को खास बनाने के लिए इस बार पूजा समितियां देश-विदेश के प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर आकर्षक पंडाल तैयार कर रही हैं। इन पंडालों में भारतीय मंदिरों की पारंपरिक स्थापत्य कला के साथ विदेशी वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। कहीं गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर का भव्य स्वरूप नजर आएगा, तो कहीं अमेरिका के नेवादा स्थित ‘टेंपल ऑफ टुगेदर’ की थीम श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। इसके अलावा तमिलनाडु, वाराणसी, राजस्थान और हरिद्वार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी पंडालों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है।
बकरी बाजार में दिखेगी दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला

बकरी बाजार के पूजा पंडाल को तमिलनाडु के तंजावुर स्थित प्रसिद्ध वृहदेश्वर मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। दक्षिण भारतीय वास्तुकला, देवी-देवताओं की कलात्मक आकृतियां और भगवान भोलेनाथ से जुड़ी धार्मिक झलकियां पंडाल को विशेष रूप देंगी।
मेन रोड पर द्वारिकाधीश मंदिर का भव्य स्वरूप
मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति की ओर से गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गई है। करीब 120 फीट ऊंचे और 100 फीट चौड़े इस पंडाल की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगी।
रातू रोड पर अमेरिकी मंदिर की थीम
रातू रोड के पूजा पंडाल में अमेरिका के नेवादा स्थित ‘टेंपल ऑफ टुगेदर’ की स्थापत्य शैली को दर्शाया गया है। लेबनानी बुनाई शैली और बारीक नक्काशी के संयोजन से तैयार यह पंडाल अपनी अनूठी बनावट के कारण लोगों का ध्यान खींचेगा।
शहीद चौक पर वाराणसी के महामंदिर की झलक
शहीद चौक स्थित जिला स्कूल परिसर में वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है। इसकी भव्य संरचना और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।
हरमू कॉलोनी में दिखेगी राजस्थानी कला
हरमू कॉलोनी के पूजा पंडाल में राजस्थान की पारंपरिक कलाकृतियों और प्राचीन मंदिरों की स्थापत्य शैली को प्रमुखता दी गई है। पंडाल के अंदर की सजावट और कलात्मक बनावट इसके मुख्य आकर्षण होंगे।

गाड़ीखाना में हरिद्वार के स्वर्ण मंदिर की झलक
रातू रोड के गाड़ीखाना क्षेत्र में हरिद्वार के शिव शक्ति गंगा स्वर्ण मंदिर की थीम पर पूजा पंडाल तैयार किया गया है। आकर्षक विद्युत सज्जा और बारीक कलाकारी से सुसज्जित यह पंडाल दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस बार रांची के पूजा पंडाल केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश की कला, संस्कृति और स्थापत्य विरासत को करीब से देखने का अवसर भी प्रदान करेंगे। अलग-अलग मंदिरों की प्रतिकृतियों के जरिए राजधानी में दुर्गा पूजा का उत्सव और भी आकर्षक होने की उम्मीद है।








