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झुमरी तिलैया : वार्ड 22 में बदली सियासी धड़कन, सरिता पाण्डेय के नामांकन ने खींचा पूरा इलाका

Published: Feb 3, 2026 2:20 PM  •  Updated: Feb 3, 2026 2:20 PM
HIGHLIGHTS
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झुमरी तिलैया (कोडरमा)। झुमरी तिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या 22 में इस बार चुनावी माहौल सामान्य नहीं दिख रहा है। 03 फरवरी 2026 को हुए नामांकन के दिन जिस प्रकार से लोगों की स्वतः उमड़ी भीड़ ने सबका ध्यान खींचा, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि वार्ड की जनता इस चुनाव को गंभीरता से ले रही है।

सुबह से ही वार्ड के विभिन्न इलाकों में चर्चा का केंद्र एक ही विषय रहा – सरिता पाण्डेय का नामांकन। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा तथा सामाजिक कार्यों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद नजर आए। यह उपस्थिति किसी औपचारिक आयोजन की नहीं, बल्कि जनभावना के संकेत के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद वार्ड 22 में ऐसा नाम सामने आया है, जिसकी चर्चा केवल प्रचार तक सीमित नहीं, बल्कि कार्यशैली और व्यवहार तक पहुँच रही है।

पढ़ी-लिखी छवि बनी पहचान

सरिता पाण्डेय की शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव और स्थानीय समस्याओं पर पकड़ को लेकर मतदाताओं में विशेष भरोसा देखा जा रहा है। नाली, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और नगर परिषद से जुड़ी रोजमर्रा की समस्याओं पर उनकी स्पष्ट समझ को लोग गंभीरता से ले रहे हैं। एक वरिष्ठ मतदाता ने कहा कि इस बार चुनाव चेहरे से नहीं, समझ और जिम्मेदारी से तय होगा।

शांत बयान, स्पष्ट संदेश

नामांकन दाखिल करने के बाद सरिता पाण्डेय ने संयमित शब्दों में कहा कि मेरा उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि वार्ड 22 को उसका सम्मान दिलाना है। विकास, पारदर्शिता और सभी को साथ लेकर चलना मेरी प्राथमिकता रहेगी। उनका यह वक्तव्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

समाजसेवी बबलू पाण्डेय का बयान

मौके पर मौजूद समाजसेवी बबलू पाण्डेय ने कहा वार्ड 22 को अब ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो पढ़ा-लिखा हो, जमीन से जुड़ा हो और समस्याओं को समझता हो। सरिता पाण्डेय का नामांकन जनता की इसी सोच को दर्शाता है।

ग्राउंड पर बढ़ी हलचल

नामांकन के बाद वार्ड में छोटी बैठकों, महिलाओं के संवाद और घर-घर संपर्क की गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। जानकारों का मानना है कि यह हलचल केवल चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि वार्ड के बदलते मूड का संकेत है।

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि वार्ड 22 का यह चुनाव अब सिर्फ मुकाबला नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।फिलहाल पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है – क्या वार्ड 22 इस बार समझ, जिम्मेदारी और विकास को प्राथमिकता देगा?

—सुधांशु शेखर

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