सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला की मौत से हजारीबाग में आक्रोश, स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल; निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना को लेकर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, चरही थाना क्षेत्र के निमाडीह निवासी संगीता कुमारी को प्रसव के लिए 5 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 6 नवंबर को उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महिला की तबीयत बिगड़ने पर समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताया और जिला मोड़ चौक पर सड़क जाम कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रसव जैसे संवेदनशील मामले में ऑपरेशन के बाद मरीज की समुचित निगरानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों की देखभाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिजनों को निष्पक्ष जांच और न्याय का इंतजार है। जरूरत है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।







