बिशनपुर-बेढ़ना बारा के पास हर मोड़ पर हादसे का खतरा, सरकारी उदासीनता के बीच युवाओं का श्रमदान बना जन-चर्चा का विषय
चौपारण (हजारीबाग)। जब व्यवस्था मौन हो जाए और सड़कें मौत का जाल बन जाएं, तब समाज के युवा ही उम्मीद की किरण बनते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा चौपारण-चतरा मुख्य मार्ग पर देखने को मिला, जहां प्रशासनिक उपेक्षा के चलते बिशनपुर-बेढ़ना बारा के पास सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई थी।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं और राहगीरों की परेशानी को देखते हुए दैहर गांव के युवाओं ने अब इंतजार नहीं, समाधान का रास्ता चुना। युवाओं ने आपसी सहयोग से चंदा एकत्र किया, ईंट-गिट्टी-बालू की व्यवस्था की और स्वयं श्रमदान कर जानलेवा गड्ढों को भर दिया। युवाओं के इस जज्बे से न केवल आवागमन सुगम हुआ, बल्कि आम लोगों की जान का खतरा भी टल गया।
प्रशासन के लिए आईना है यह पहल स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक अक्सर अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। कई बार बड़ी दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं। विभाग को कई बार अवगत कराने के बाद भी स्थायी मरम्मत नहीं हुई। ऐसे में युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य शासन-प्रशासन के लिए एक बड़ा संदेश है।
इन युवाओं ने दिखाई मिसाल
इस सराहनीय कार्य में संजीत वर्मा, संत कुमार, पुरुषोत्तम कुशवाहा, अमित वर्मा, दीपेश वर्मा, हैप्पी वर्मा, शिवम कुशवाहा, राहुल कुमार, गणेश साव और बादल कुमार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्षेत्र के लोगों ने इन युवाओं के सेवा-भाव और सामाजिक दायित्व की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की अविलंब स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को बार-बार अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।





