दीपावली, काली पूजा और छठ को लेकर रांची प्रशासन अलर्ट! घाटों पर NDRF और गोताखोरों की तैनाती, रात 10 बजे के बाद शोर पर रहेगी सख्त नजर
आदित्य ओहदार |
रांची। दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। पर्व-त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला लिया है। छठ घाटों पर एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती से लेकर दीपावली में पटाखों और ध्वनि प्रदूषण पर निगरानी रखने तक, विभिन्न विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छठ घाटों पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
छठ महापर्व के दौरान तालाबों और घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। नगर निगम के अधिकारियों को सभी संबंधित घाटों और तालाबों का निरीक्षण कर साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित पहुंच मार्ग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। आवश्यकता के अनुसार क्रेन की व्यवस्था करने के साथ-साथ घाटों पर एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए तालाबों और घाटों पर बांस की बैरिकेडिंग कर सुरक्षित गहराई निर्धारित की जाएगी। प्रशासन ने छठ घाटों पर तैराकी पर पूरी तरह प्रतिबंध रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पर्व से पहले घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और सफाई कराने पर भी जोर दिया गया है, जिससे छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रात 10 बजे के बाद पटाखों और शोर पर रहेगी नजर
दीपावली और काली पूजा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए भी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रतिबंधित एवं असुरक्षित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी रखी जाएगी। साथ ही ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रात 10 बजे के बाद शोर-शराबे पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
पूजा पंडालों में बिजली के सुरक्षित कनेक्शन, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और विसर्जन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले आयोजकों या संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने का निर्देश
बैठक में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा नगर निगम, बिजली विभाग, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक नगर पारस राणा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौरव गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण और अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय सहित अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
प्रशासन का उद्देश्य पर्व-त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने और पर्व के दौरान लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।













