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गुमला में PLFI नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत 4 गिरफ्तार, हथियारों की बरामदगी से मचा हड़कंप

Published: Oct 23, 2026 6:39 PM  •  Updated: Oct 23, 2026 6:39 PM
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गुमला में PLFI नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत 4 गिरफ्तार, हथियारों की बरामदगी से मचा हड़कंप

8 साल से संगठन में सक्रिय था जोनल कमांडर, लेवी वसूली और नेटवर्क विस्तार में निभा रहा था भूमिका; पिस्टल, बंदूक, कट्टा, कारतूस और प्रतिबंधित पर्चे बरामद

आदित्य ओहदार | क्राइम डेस्क

गुमला। झारखंड के गुमला जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कथित जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी उर्फ मोटा उर्फ सुकुरा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से संगठन को बड़ा झटका लगने की बात सामने आई है। छापेमारी के दौरान हथियार, कारतूस, प्रतिबंधित पर्चे और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस घटना के बाद इलाके में उग्रवादी गतिविधियों और संगठन के नेटवर्क को लेकर हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर को गुमला के एसपी हरीश बिन जमा को गुप्त सूचना मिली थी कि PLFI के कुछ सदस्य कामडारा थाना क्षेत्र के बोंगादा गांव के आसपास किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उसका सत्यापन कराया गया। इसके बाद बसिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिव शंकर मरांडी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए विश्राम कोंगाड़ी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में विश्राम कोंगाड़ी उर्फ मोटा उर्फ सुकुरा, अमर सुरिन, एतवा कोंगाड़ी उर्फ एतवा मास्टर और अपित तोपनो उर्फ बेंदा शामिल हैं। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन, एक देसी बंदूक, एक देसी कट्टा, सात कारतूस, एक खोखा, PLFI के छह प्रतिबंधित पर्चे और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, विश्राम कोंगाड़ी का कथित कार्यक्षेत्र गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिले रहे हैं। वह पिछले करीब आठ वर्षों से PLFI संगठन से जुड़ा हुआ था और कथित तौर पर लेवी वसूली तथा संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी हथियारों, लेवी की रसीदों और संगठन के पर्चों के साथ गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।

इस कार्रवाई को गुमला जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मामलों और बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। साथ ही, संगठन के नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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