Home | झारखंड | बिहार | देश-विदेश | खेल | मनोरंजन | क्राइम | शिक्षा | हेल्थ | राजनीति | राशिफल
- ADVERTISEMENT -

पुस्तक पढ़ने से याददाश्त मजबूत और तनाव कम होता है – मुकुंद साव

Published: Sep 6, 2026 7:58 AM  •  Updated: Sep 6, 2026 8:01 AM
HIGHLIGHTS
"पुस्तक पढ़ने से यादाश्त मजबूत और तनाव कम होता है, जबकि मोबाइल अपनों से दूर करता है।" किताब हमें लेखक बनाती है, मोबाइल सिर्फ दर्शक
- ADVERTISEMENT -

राष्ट्रीय पुस्तक पठन दिवस पर साहित्यकार मुकुंद साव ने जारी किया प्रेस विज्ञप्ति, लोगों से मोबाइल छोड़ किताबों से जुड़ने की अपील

कृष्णा कुमार कशवाहा

चौपारण (हजारीबाग)। पुस्तकें शिक्षाप्रद, मनोरंजक और ज्ञानवर्धक होती हैं। पुस्तक पढ़ने से एकाग्रता में सुधार होता है, याददाश्त मजबूत होती है और तनाव कम होता है। पुस्तक पढ़ने से लोगों में सहानुभूति, करुणा और समझ अधिक विकसित होती है। उक्त बातें साहित्यकार सह भाजपा नेता और बरही विधानसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने कही।

श्री साव ने शनिवार 6 सितंबर को राष्ट्रीय पुस्तक पठन दिवस के अवसर पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आज लोग सुबह से ही मोबाइल चलाना शुरू कर देते हैं। किताबों से दूरी बन गई है। अच्छी ज्ञानवर्धक कहानियां, महापुरुषों की जीवनी और ऐतिहासिक गाथाएं लोग भूलते जा रहे हैं। आज लोग व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ट्वीट में लगे हुए हैं, किताब से कोई मतलब ही नहीं है। परिणाम हो रहा है कि लोग अपनी पारंपरिक चीजों को भूलते जा रहे हैं, जिससे आंखों पर, दिमाग पर, भूख-प्यास पर बुरा असर पड़ रहा है। लोग अपनों से, परिजनों से और समाज से दूर होते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक ज्ञान के लिए, दिमाग को तेज करने के लिए, पारंपरिक चीजों, महापुरुषों, ऐतिहासिक तथ्यों और अपने पूर्वजों को जानने के लिए पुस्तक पढ़ना अनिवार्य है।

साहित्यकार मुकुंद साव ने आम जनमानस से अपील किया है कि अपने घर में अच्छी-अच्छी पुस्तकें खरीद कर लाएं, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। बच्चों को मोबाइल से दूर रखें।

- ADVERTISEMENT -

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment