कई वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही सड़क, शिकायत और आवेदन के बाद भी नहीं हुआ समाधान, रास्ते में गिरने से एक व्यक्ति का टूट चुका है पैर
फतेहपुर (जामताड़ा) / शेख शमीम। गांवों के विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों से अलग नजर आती है। फतेहपुर प्रखंड की जामजोड़ी पंचायत अंतर्गत भूड़ीसेमल गांव में करीब 200 मीटर सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और जमा कीचड़ ने आवागमन को मुश्किल बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को इस रास्ते से गुजरते समय हर कदम संभलकर रखना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के भीतर स्थित यह सड़क पिछले कई वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ती है। गांव के लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण छोटी-सी दूरी तय करना भी चुनौती बन गया है।

शिकायत और आवेदन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रशासन को मौखिक शिकायत की गई। इसके अलावा लिखित आवेदन देकर भी मरम्मत की मांग उठाई गई। जामजोड़ी पंचायत के मुखिया को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सड़क मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत की ओर से फंड उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है। ऐसे में गांव के लोगों के सामने सवाल है कि जब पंचायत स्तर पर राशि उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए आगे क्यों नहीं आ रहा है?
खराब सड़क से हो चुकी है दुर्घटना
सड़क की बदहाली अब केवल असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी रास्ते पर गिरने से एक व्यक्ति का पैर टूट चुका है। इस घटना के बाद से लोगों में दुर्घटना को लेकर चिंता बनी हुई है। गड्ढों और कीचड़ के बीच से गुजरना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगे भी किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सिर्फ 200 मीटर सड़क, फिर भी वर्षों से इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई लंबी सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि गांव के अंदर लगभग 200 मीटर रास्ते की मरम्मत का मामला है। इसके बावजूद वर्षों से समस्या का समाधान नहीं होना लोगों की नाराजगी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि क्या भूड़ीसेमल गांव के लोगों को इस बदहाल सड़क से जल्द राहत मिलेगी? क्या संबंधित विभाग ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए मरम्मत की पहल करेगा? फिलहाल गांव के लोग सड़क की स्थिति बदलने और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।








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