पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने उठाया सड़क सुरक्षा का मुद्दा, 15 साल की देरी पर निर्माण एजेंसी से जवाबदेही की मांग; सर्विस रोड जल्द दुरुस्त करने का NHAI का भरोसा
बरही/चौपारण, 25 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अधूरे निर्माण और बदहाल सर्विस रोड को लेकर रविवार को रसोइया धमना टोल प्लाजा पर जनआक्रोश देखने को मिला। पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव के नेतृत्व में आयोजित ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन में लोगों ने सड़क की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान सड़क निर्माण में हो रही देरी, धूल-गर्द, आवागमन में परेशानी और दुर्घटनाओं के खतरे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों और आसपास के ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलनी चाहिए। लंबे समय से चल रहे सिक्सलेन निर्माण के बावजूद कई स्थानों पर सर्विस रोड और अन्य जरूरी सुविधाओं की समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर चल रही परियोजना का लाभ तभी मिलेगा, जब निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सड़क की बदहाली पर पूर्व विधायक ने उठाई आवाज
बरही से चौपारण होते हुए बरकट्ठा के गोरहर तक NH-19 के चौड़ीकरण का कार्य लंबे समय से जारी है। करीब 15 वर्षों से निर्माण कार्य चलने के बावजूद प्रभावित इलाकों में समस्याएं दूर नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। महूदी, पिपरा, रसोइया धमना और सिंघरावां के आसपास सर्विस रोड की स्थिति तथा अधूरे कार्यों को लेकर लोगों ने चिंता जताई।
पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए संबंधित विभाग से सड़क निर्माण में तेजी लाने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ का नारा गूंजता रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि सुरक्षित आवागमन और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
NHAI परियोजना निदेशक को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान NHAI हजारीबाग के परियोजना निदेशक, बरही के डीएसपी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक ने परियोजना निदेशक को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण में देरी, बदहाल सर्विस रोड और दुर्घटनाओं के खतरे से संबंधित समस्याओं को सामने रखा।
ज्ञापन में महूदी, पिपरा, रसोइया धमना और सिंघरावां सहित प्रभावित क्षेत्रों में सर्विस रोड का निर्माण जल्द पूरा कराने तथा लंबित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न कराने की मांग की गई। साथ ही यातायात को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
अंडरपास नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी
आंदोलन के दौरान ग्राम बारा (महूदी), पंचायत बहेरा के ग्रामीणों की अंडरपास निर्माण संबंधी मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय, मंदिर, श्मशान घाट और खेतों तक आने-जाने के लिए व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पार करना पड़ता है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने ग्रामीणों का आवेदन NHAI के परियोजना निदेशक को सौंपते हुए अंडरपास निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान होने से आवागमन अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
आश्वासन के बाद अब धरातल पर काम का इंतजार
ज्ञापन मिलने के बाद परियोजना निदेशक ने सर्विस रोड का निर्माण जल्द कराने और शेष कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने का आश्वासन दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आश्वासन के अनुरूप काम कब शुरू होता है और अधूरी सड़क की समस्या से उन्हें कब राहत मिलती है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी विकास परियोजना को रोकने की नहीं, बल्कि निर्माण कार्य में तेजी, बेहतर गुणवत्ता और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की है। साथ ही, सड़क की समस्याओं का समाधान होने तक टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग पर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही गई।
रसोइया धमना टोल प्लाजा पर हुआ यह प्रदर्शन अब NHAI और निर्माण एजेंसी के लिए जवाबदेही की कसौटी बन गया है। स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित सड़क और सर्विस रोड की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित रहता है या वास्तव में धरातल पर बदलाव दिखाई देता है।










