सिलोदर पीएफ में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, लकड़ी के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी
चौपारण। गौतम बुद्धा वन्यप्राणी आश्रयणी के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से आरा मिल का संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर प्रखंड के सिलोदर पीएफ में छापेमारी कर अवैध आरा मिल को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से वन क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
इस संबंध में वाइल्डलाइफ के प्रभारी वनपाल श्रवण कुमार ने बताया कि विभाग को सिलोदर पीएफ में अवैध आरा मिल संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद वन विभाग की टीम ने चौपारण पुलिस के सहयोग से छापेमारी अभियान चलाया। मौके पर अवैध रूप से संचालित आरा मिल को जब्त कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियां वन संपदा और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। वन विभाग की ओर से ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
छापेमारी दल में प्रभारी वनपाल श्रवण कुमार, वनरक्षी कुलदीप कुमार महतो, चौपारण पुलिस के अजय कुमार यादव सहित वन विभाग के अन्य कर्मी और पुलिस बल शामिल थे।
अवैध कारोबारियों की पहचान में जुटा विभाग
कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने की जरूरत है कि संरक्षित वन क्षेत्र में आरा मिल का संचालन कौन कर रहा था और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी। संबंधित लोगों की पहचान और मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई को संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार पर अंकुश लगाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।





