सुशी इंफ्रा कंपनी पर नौकरी के नाम पर टालमटोल का आरोप, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग ने पकड़ा तूल
चतरा। रोजगार नहीं मिलने से नाराज एक बेरोजगार युवक ने बुधवार को CCL की चंद्रगुप्त कोल परियोजना में संचालित MDO कंपनी सुशी इंफ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के साइट कार्यालय परिसर में लगे ऊंचे टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। घटना के बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। युवक कंपनी प्रबंधन से तत्काल रोजगार देने की मांग कर रहा था।
टावर पर चढ़े युवक का आरोप है कि उसे लंबे समय से नौकरी देने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं की गई। युवक के अनुसार, उसे भेल्बो वाहन चलाने के लिए ट्रायल में शामिल किया गया था, जिसमें वह सफल भी रहा। इसके बावजूद उसे काम पर नहीं रखा गया। उसने कंपनी के लाइजनर सह GM आरएस यादव समेत संबंधित अधिकारियों पर टालमटोल करने का आरोप लगाया है।

स्थानीय युवाओं के रोजगार पर उठे सवाल
घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में स्थानीय और विस्थापित बेरोजगारों को रोजगार देने के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कुछ लोगों ने बाहरी अभ्यर्थियों से कथित रूप से पैसे लेकर नौकरी देने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का सवाल है कि यदि स्थानीय युवक ने वाहन चालक के ट्रायल में सफलता हासिल की थी, तो उसे अब तक नियुक्ति क्यों नहीं मिली? स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की प्रक्रिया और चयन के मानदंडों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठ रही है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
घटना को देखते हुए सबसे बड़ी चुनौती युवक को सुरक्षित टावर से नीचे उतारना और उसकी जान बचाना है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं पुलिस से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि युवक की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा कंपनी प्रबंधन रोजगार प्रक्रिया, ट्रायल और नियुक्तियों की स्थिति स्पष्ट करे।
अब देखना होगा कि कंपनी प्रबंधन और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग पर क्या पहल होती है।





