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हुरनाली गांव में मेगालिथिक साइट का पुरातात्त्विक निरीक्षण, प्राचीन इतिहास के खुलेंगे नए आयाम

Published: Oct 15, 2026 6:56 PM  •  Updated: Oct 15, 2026 6:58 PM
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रिपोर्टर : पिंटू यादव

इटखोरी (चतरा)। चतरा जिले के पितीज पंचायत अंतर्गत हुरनाली गांव स्थित प्राचीन मेगालिथिक साइट (महापाषाणिक स्थल) का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), रांची मंडल की टीम ने निरीक्षण किया। विभाग के वरीय अधिकारी डॉ. करबी साहा के निर्देश पर पहुंची टीम ने स्थल का अध्ययन कर उसके ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक महत्व का आकलन किया।

निरीक्षण दल में पुराविद् डॉ. नीरज कुमार मिश्र के अलावा कन्हैया झा, मोहम्मद नौशाद आलम और गुलाब सिंह शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि यह स्थल महापाषाणिक समाधियों से संबंधित है। यहां मेनहिर यानी खड़े पत्थरों से जुड़ी कई समाधियों के अवशेष मौजूद हैं। क्षेत्र में इस प्रकार के अवशेष बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जिनका संबंध आदिवासी समुदायों की प्राचीन मृतक संस्कार पद्धतियों से माना जाता है।

ईसा की पहली शताब्दियों का हो सकता है स्थल

प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह पुरास्थल ईसा की पहली शताब्दियों के आसपास का हो सकता है। आसपास के पुरातात्त्विक साक्ष्यों के आधार पर इसके असुर जनजाति से संबंधित होने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, इसकी वास्तविक प्राचीनता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की पुष्टि विस्तृत अध्ययन के बाद ही हो सकेगी।

निरीक्षण दल ने स्थल पर काफी समय बिताया और विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। टीम के सदस्यों के अनुसार, विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस महत्वपूर्ण पुरास्थल से जुड़े कई नए तथ्य और ऐतिहासिक आयाम सामने आने की उम्मीद है।

स्थानीय नागरिक की पहल पर पहुंची टीम

बताया गया कि एक स्थानीय नागरिक द्वारा पीजी पोर्टल (जन शिकायत पोर्टल) पर अनुरोध किए जाने के बाद विभाग की टीम स्थल निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इस पहल के बाद प्राचीन धरोहर के महत्व को समझने और उसके संरक्षण की दिशा में कदम उठाने की उम्मीद जगी है।

निरीक्षण दल के सदस्यों ने स्थानीय लोगों से इस प्राचीन मेगालिथिक साइट को सहेजने, सुरक्षित रखने और इसके संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे पुरातात्त्विक स्थल हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। इनकी सुरक्षा और संरक्षा करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी प्राचीन विरासत से परिचित हो सकें।

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