तंबाकू, सिगरेट और शराब के दुष्परिणामों से कराया अवगत, नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर दिया जोर
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार, 28 अक्टूबर को डीवीसी मध्य विद्यालय एवं उच्च विद्यालय, कोनार डैम में नशामुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दामोदर घाटी निगम के कोनार परियोजना प्रधान राणा रणजीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि तंबाकू, सिगरेट, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। नशे की लत न केवल व्यक्ति के भविष्य को अंधकारमय बनाती है, बल्कि परिवार की खुशहाली और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, दृढ़ इच्छाशक्ति और स्वस्थ आदतों को अपनाना है।

विद्यार्थियों से कम उम्र से ही नशे से दूरी बनाए रखने, पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने तथा अपने जीवन को बेहतर दिशा देने की अपील की गई। साथ ही उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है। यदि विद्यार्थी नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, तो न केवल उनका भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि नशामुक्त समाज के निर्माण का सपना भी साकार हो सकेगा।

डीवीसी कोनार डैम की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना तथा स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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