कैंपा मद की राशि सरकार से नहीं मिलने के कारण भुगतान लंबित, त्योहारों को देखते हुए मजदूरों को दी गई अग्रिम नकद राशि, फॉरेस्टर ने कहा- मेहनतकश मजदूरों के साथ नहीं होगा अन्याय
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के बगोदर वन प्रक्षेत्र अंतर्गत नवादा स्थायी पौधशाला में कार्यरत मजदूरों द्वारा वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के लगाए गए गंभीर आरोपों पर फॉरेस्टर संजीत दास ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने मजदूरों के आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विभाग की भुगतान प्रक्रिया और वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण मजदूरों के बीच भ्रम की स्थिति बनी है।
फॉरेस्टर संजीत दास ने स्पष्ट किया कि कैंपा योजना के तहत मजदूरों को किए जाने वाले भुगतान की राशि अभी तक सरकार की ओर से विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसी वजह से मजदूरों का बकाया भुगतान लंबित है। हालांकि, मजदूरों की आर्थिक परेशानियों और त्योहारों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अग्रिम तौर पर नकद राशि उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें तत्काल आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़े।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार से कैंपा मद की बकाया राशि प्राप्त होते ही नियमानुसार मजदूरों के खातों में शेष भुगतान भेज दिया जाएगा। मजदूरों की मेहनत की कमाई कहीं नहीं जाएगी और उनके हक का पैसा उन्हें हर हाल में मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभाग मजदूरों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देगा।

संजीत दास ने कहा कि पौधशाला में कार्यरत मजदूर दिन-रात मेहनत कर विभागीय कार्यों को पूरा करते हैं। ऐसे मेहनतकश लोगों के परिश्रम का उचित भुगतान सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। मजदूरों की शिकायतों और उनकी समस्याओं से विभाग के वरीय अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। बकाया राशि उपलब्ध होते ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फॉरेस्टर के इस स्पष्टीकरण के बाद अब मजदूरों को सरकार से राशि आवंटित होने और उनके खातों में बकाया भुगतान पहुंचने का इंतजार है।
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