तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यालय नेतृत्व विकास पर हुआ मंथन, समापन समारोह में राज्य परियोजना निदेशक ने किया सम्मानित
महागामा (गोड्डा) / वासु कुमार। शिक्षा के क्षेत्र में गोड्डा जिले के लिए गौरव की बात है कि महागामा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिल्हा में कार्यरत सहायक शिक्षक रीतेश रंजन को रांची में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला में गोड्डा जिले का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने जिले का मान बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से स्थानीय शिक्षकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।जानकारी के अनुसार, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यालय नेतृत्व विकास विषय पर आधारित यह राष्ट्रीय कार्यशाला 3 से 5 नवंबर तक रांची के रातू स्थित कृष्णा इन रिसॉर्ट में आयोजित की गई। इसका आयोजन नेशनल सेंटर फॉर स्कूल लीडरशिप (NCSL), राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली तथा झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की स्कूल लीडरशिप अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी शिक्षकों एवं शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।कार्यशाला के समापन समारोह में झारखंड के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन एवं NCSL/NIEPA की प्रभारी प्रोफेसर सांत्वना जी मिश्रा ने सहायक शिक्षक रीतेश रंजन को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर सम्मान प्राप्त करना उनके लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि रही। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर हुई चर्चा तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय कार्यशाला में भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध पहलुओं, प्राचीन भारतीय शैक्षिक मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान की परंपराओं तथा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में उनकी उपयोगिता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही विद्यालय नेतृत्व को प्रभावी बनाने, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने, शिक्षकों की भूमिका को सशक्त करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में शामिल शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को आधुनिक शिक्षण पद्धति के साथ जोड़कर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकता है विद्यालय में प्राप्त अनुभवों को लागू करने का करेंगे प्रयास महागामा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिल्हा में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत रीतेश रंजन ने अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्यशाला में सहभागिता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। यहां उन्हें विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के विचारों को जानने और शिक्षा के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला।उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव और नई जानकारियों को अपने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं शिक्षण प्रक्रिया में उपयोगी बनाने का प्रयास करेंगे। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार लाना है। शिक्षा जगत में खुशी, मिल रही बधाइयां राष्ट्रीय कार्यशाला में गोड्डा जिले का प्रतिनिधित्व करने और समापन समारोह में सम्मान प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर रीतेश रंजन को शिक्षा जगत से जुड़े लोगों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों की ओर से बधाइयां दी जा रही हैं। लोगों ने कहा कि जिले के एक शिक्षक का राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मंच पर प्रतिनिधित्व करना गौरव की बात है। इस तरह के प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं से शिक्षकों की क्षमता, अनुभव और कार्यशैली में निखार आता है, जिसका सीधा लाभ विद्यालयों और विद्यार्थियों को मिल सकता है।रीतेश रंजन की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान है, बल्कि महागामा और गोड्डा जिले के शैक्षणिक क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।






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