डोभी और बगोदर-डुमरी से मिठाइयों की आपूर्ति की चर्चा; खाद्य सुरक्षा विभाग से दुकानों की जांच और नमूने लेने की अपील
चौपारण। दीपावली नजदीक आते ही चौपारण बाजार में मिठाइयों की खरीद-बिक्री तेज हो गई है। इसी बीच बाजार में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता और बाहरी क्षेत्रों से हो रही आपूर्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका जताते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग से व्यापक जांच अभियान चलाने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि बिहार के डोभी के अलावा बगोदर-डुमरी क्षेत्र से भी मिठाइयां चौपारण की दुकानों और होटलों तक पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि, इन मिठाइयों में मिलावट होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित मिठाइयों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच आवश्यक है।
त्योहार के मौसम में खाद्य सुरक्षा की चुनौती
दीपावली के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही उनकी ताजगी, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण और परिवहन पर विशेष निगरानी जरूरी हो जाती है। निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से चौपारण बाजार सहित प्रखंड के विभिन्न इलाकों में मिठाई दुकानों और होटलों का निरीक्षण करने, संदेहास्पद खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने तथा साफ-सफाई और भंडारण व्यवस्था की पड़ताल करने की मांग की है।

जांच में गड़बड़ी मिले तो हो कार्रवाई
लोगों का कहना है कि त्योहार से पहले जांच अभियान चलने से उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यदि जांच में मिलावट या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकानदारों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब निगाहें खाद्य सुरक्षा विभाग पर टिकी हैं कि चौपारण में मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान कब शुरू किया जाता है। त्योहार की खुशियों के बीच लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए समय रहते जांच और निगरानी जरूरी है।







