सारूकुदर पंचायत सचिवालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, अनाथ और असहाय बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दी गई जानकारी
विष्णुगढ़ (हजारीबाग) / राजेश दुबे। प्रखंड अंतर्गत सारूकुदर पंचायत सचिवालय में बुधवार को मुखिया उत्तम महतो की अध्यक्षता में बाल संरक्षण इकाई की ओर से जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के अधिकारों, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम पर प्रतिबंध तथा बच्चों को शोषण से बचाने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अनाथ, असहाय और जरूरतमंद बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी बताई गई।
कार्यक्रम में हजारीबाग के बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उनके अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। बच्चों को शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मुखिया उत्तम महतो ने बच्चों के अधिकारों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। वहीं, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम पर जोर देते हुए बताया कि कानून के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष और लड़के की शादी 21 वर्ष की उम्र से पहले नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक शोषण, मानव तस्करी और अन्य प्रकार के उत्पीड़न से बचाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। बाल संरक्षण पदाधिकारी ने अनाथ, असहाय और जरूरतमंद बच्चों को सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी, ताकि पात्र बच्चों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविकाएं, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ी महिलाएं, पीड़ित परिवारों के सदस्य सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।








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