लगातार खनन से कटाव, भूजल स्तर गिरने और बच्चों-मवेशियों पर मंडरा रहे खतरे से आक्रोश, प्रशासन से अविलंब रोक लगाने की मांग
हजारीबाग। चौपारण प्रखंड के परसातरी गांव में नदी से बालू उठाव के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मौके पर बालू लदे ट्रैक्टरों को रोककर अपनी नाराजगी जताई और नदी से बालू निकासी पर रोक लगाने की मांग की। उनका आरोप है कि लगातार बालू उठाव से नदी के किनारों की जमीन कट रही है। साथ ही आसपास के खेतों, जलस्रोतों और भूजल स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने बघाड़ा, भंडार, चोड़ी और नर्सरी के आसपास नदी से हो रहे बालू उठाव पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में खेती और पेयजल की समस्या गंभीर हो सकती है।
जमीन कटने और जलस्रोतों पर असर की आशंका
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों के अनुसार, नदी से लगातार बालू निकाले जाने के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप और बहाव प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि नदी के किनारों की मिट्टी कटकर बह रही है, जिससे आसपास की जमीन और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बोरिंग और अन्य जलस्रोतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई। उनका कहना है कि बालू का अत्यधिक उठाव जारी रहने से भविष्य में जलसंकट की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में नदी और आसपास के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा पर भी चिंता
ग्रामीणों ने नदी में बालू उठाव के कारण बने गहरे गड्ढों को बच्चों और मवेशियों के लिए संभावित खतरा बताया। उनका कहना है कि नदी के आसपास बच्चों के आने-जाने और गाय-बकरियों के पहुंचने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, पहले भी बालू उठाव रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन सामूहिक एकजुटता की कमी के कारण विरोध प्रभावी नहीं हो सका। इस बार ग्रामीणों ने एकजुट होकर नदी, जमीन और गांवों की सुरक्षा के लिए बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं पर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नदी में बालू उठाव की जांच कराने, इसकी अनुमति और नियमों की स्थिति स्पष्ट करने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल, बालू उठाव को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, संबंधित क्षेत्र में बालू निकासी की अनुमति और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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