नेमरा/झारखंड। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने व्यक्तिगत परेशानियों से लेकर क्षेत्र की जनहित से जुड़ी समस्याओं तक को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और समाधान की मांग की।
टावर चौक के समीप पंडाल में लगा जनता का दरबार
मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे टावर चौक के पास बनाए गए विशेष पंडाल में पहुंचे। यहां ग्रामीण कतारबद्ध होकर उनसे मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की बातें सुनीं। कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन भी सौंपे।
ग्रामीणों ने रखीं व्यक्तिगत और जनहित से जुड़ी समस्याएं
जनसंवाद के दौरान लोगों ने सामाजिक, व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। ग्रामीणों ने अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई और समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और लोगों ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपे।
मातृशोक के बीच पारिवारिक परंपराओं का भी कर रहे निर्वहन
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन के बाद वे 8 अक्टूबर से अपने पैतृक गांव नेमरा में रह रहे हैं। इस दौरान वे पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्राद्ध कर्म सहित पारिवारिक और धार्मिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसी बीच ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने का सिलसिला भी जारी है।
मुख्यमंत्री के नेमरा प्रवास के दौरान ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे उनके समक्ष रखने का अवसर मिला। अब ग्रामीणों को सौंपे गए आवेदनों पर संबंधित समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा है।





