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मौत की घाटी बनेगी सुरक्षित: दनुआ घाटी पहुँचे हजारीबाग एसपी, हादसों पर काबू के लिए प्रशासन एक्शन मोड में

Published: Apr 26, 2026  •  Updated: Apr 26, 2026
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चौपारण। हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित दनुआ घाटी, जिसे लोग अब ‘मौत की घाटी’ कहने लगे हैं, वहां लगातार हो रहे सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और जानलेवा घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने डीटीओ और NHAI के अधिकारियों के साथ घाटी का स्पॉट विजिट कर व्यापक रोडमैप तैयार किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की वास्तविक स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थल, ब्लैक स्पॉट और ट्रैफिक व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा में सभी सुधार कार्य पूरे किए जाएंगे।

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अवैध कट बन रहे थे मौत का कारण, तुरंत बंद करने का आदेश

निरीक्षण में यह सामने आया कि घाटी क्षेत्र में कई जगह अवैध कट बने हुए हैं, जिससे अचानक वाहन मुड़ने और आमने-सामने टक्कर की स्थिति बन जाती है। इसे हादसों की सबसे बड़ी वजह मानते हुए एसपी ने सभी अवैध कटों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिना योजना के बने ये कट लोगों की जान के लिए सीधा खतरा हैं।

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एडवांस साइन बोर्ड और स्पीड लिमिट से बढ़ेगी सतर्कता

घाटी के खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर वाहन चालक अक्सर समय रहते सतर्क नहीं हो पाते। इसे ध्यान में रखते हुए एडवांस वार्निंग साइन बोर्ड और स्पीड लिमिट बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि चालक पहले से ही सावधान होकर वाहन चलाएं और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।

लीगल कट पर लाइनमैन तैनात, ट्रैफिक रहेगा नियंत्रित

जहां वैध कट मौजूद हैं, वहां लाइनमैन की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी ट्रैफिक को नियंत्रित कर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेंगे। इससे अचानक जाम और टक्कर जैसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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ब्लैक स्पॉट और बॉटल नेक की होगी विशेष मरम्मत

दनुआ घाटी में कई स्थान ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहां सड़क संकरी है या बार-बार हादसे होते हैं। इन बॉटल नेक और ब्लैक स्पॉट पर विशेष ध्यान देते हुए मरम्मत और सुधार कार्य तेज गति से कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

खतरनाक मोड़ों पर लगेंगे स्पीड ब्रेकर

जहां वाहन तेज गति से गुजरते हैं या मोड़ अधिक खतरनाक हैं, वहां स्पीड ब्रेकर लगाए जाएंगे। प्रशासन ने इसे प्राथमिकता सूची में रखा है ताकि गति नियंत्रण के जरिए हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।

निर्माण क्षेत्र में धूल पर नियंत्रण, दिन में दो बार छिड़काव

सड़क निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल भी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। इसे रोकने के लिए निर्माण क्षेत्र में दिन में दो बार पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है, जिससे दृश्यता बेहतर होगी और हादसे कम होंगे।

NHAI एम्बुलेंस हर समय रहेगी अलर्ट

घाटी में त्वरित राहत और बचाव के लिए NHAI की एम्बुलेंस सेवा को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। चालक और मेडिकल टीम को हर समय तैयार रहने को कहा गया है ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता – एसपी

एसपी अमन कुमार ने कहा कि दनुआ घाटी राष्ट्रीय राजमार्ग का अत्यंत संवेदनशील हिस्सा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी और हल्के वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समय के भीतर सुधार कार्य पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी।

इसे भी पढ़े: प्यास से भटका राष्ट्रीय पक्षी, जुलकर नैन की सतर्कता से सुरक्षित वन विभाग को सौंपा

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